रुकेगा बहुविवाह: गुजरात में अब लिव-इन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात यूसीसी विधेयक 2026 को अपनी औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही राज्य में इस कानून को लागू करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी हो गई है। उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला कानून पारित करने वाला गुजरात देश का दूसरा राज्य बन गया है। हालांकि, इस विधेयक के प्रावधान एसटी वर्ग के सदस्यों पर लागू नहीं होंगे। नए कानून के तहत सभी नागरिकों के लिए विवाह और तलाक का पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन न करने पर 10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सभी प्रकार के लिव-इन संबंधों का पंजीकरण भी अनिवार्य होगा। लिव-इन से पैदा होने वाले बच्चों को कानूनी रूप से वैध संतान माना जाएगा। यदि महिला को उसका पार्टनर छोड़ देता है, तो उसे गुजारा भत्ता पाने का पूरा कानूनी अधिकार होगा। इस कानून के माध्यम से एक से अधिक विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जबरदस्ती शादी करने पर 7 साल का कारावास भी होगा।




