ताजा ख़बरें

सुझाव: सिविल सेवा की तर्ज पर होगी नीट-यूजी की परीक्षा!

पेपर लीक और अनियममितताओं के विवादों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जब मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में सुधार और पारदर्शिता लाने में जुटी है। वहीं कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने नीट-यूजी को लेकर बड़ा सुझाव दिया है। समिति ने सिफारिश की है कि नीट-यूजी की परीक्षा सिविल सेवा की तर्ज पर दो चरणों में आयोजित की जानी चाहिए। समिति ने एनटीए से इसकी व्यावहारिक संभावनाओं की जांच करने को कहा है। वर्तमान में नीट-यूजी एकल स्तरीय परीक्षा प्रणाली के तहत होती है, जबकि संघ लोक सेवा आयोग बहुस्तरीय प्रणाली का पालन करता है। यदि यह सिफारिश लागू होती है, तो अब तक केवल एक परीक्षा के बल पर दाखिला पाने वाले छात्रों को दो स्तरों की परीक्षा से गुजरना होगा। सभी मेडिकल कोर्सों के लिए एक कॉमन स्क्रीनिंग टेस्ट हो। प्रारंभिक परीक्षा के बाद विभिन्न कोर्सों के लिए अलग-अलग मुख्य परीक्षा आयोजित की जाए। इससे नर्सिंग या आयुष कोर्सों में दाखिला चाहने वाले अभ्यर्थियों का मूल्यांकन एमबीबीएस के अभ्यर्थियों से अलग होगा, जिससे छात्रों पर बेवजह की प्रतिस्पर्धा का दबाव कम होगा।

Related Articles

Back to top button
Close