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MPPSC : राज्य सेवा परीक्षा पर बड़ी अपडेट, 2019 में थी आखरी नियुक्ति, 1062 पदों पर अटकी है भर्ती, जाने कारण

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 1000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां अटकी हुई है। एक तरफ जहां उम्मीदवार (candidates) जल्द से जल्द नियुक्ति की राह देख रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ से MPPSC द्वारा अब तक इस मामले पर कोई उचित विचार नहीं किया गया है। आयोग का कहना है कि मामला कोर्ट में है। जल्द कानूनी राय ली जाएगी। इससे पहले आखरी नियुक्ति MPPSC द्वारा वर्ष 2019 के फरवरी में आयोजित की गई थी।

वही 3 साल से अधिक समय बीतने के बाद भी राज्य प्रशासनिक सेवा पर एक भी अफसरों की नियुक्ति नहीं की गई है। ज्ञात हो कि आखिरी बार नियुक्ति 2019 के फरवरी में की गई थी। जहां राज्य सेवा परीक्षा 2018 के 298 स्वीकृत पदों में से 286 पदों पर नियुक्ति आयोजित की गई थी। इस नियुक्ति के बाद अब तक 3 साल से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन MPPSC द्वारा एक भी प्रशासनिक अफसरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। 2019 के 571 पदों पर निकली भर्ती प्रक्रिया के लिए अभी तक में चार बार इंटरव्यू की तिथि को टाला जा चुका है। मामला कोर्ट में लंबित है।

मामले में MPPSC का कहना है कि कोर्ट में मामला होने की वजह से प्रशासक के तौर पर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। वहीं अब शासन के लिए 1062 से अधिक नियुक्तियां रुक गई है।  मामले में PSC के मीडिया प्रभारी रविंद्र पंच भाई का कहना है कि अभ्यर्थियों ने ज्ञापन सौंपा। मामले में जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा। उम्मीद है कि जल्द 2019 के इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। जिसके बाद अन्य सारी प्रक्रिया भी आगे बढ़ेंगे।

बता दे कि राज्य व अन्य सेवाओं में आरक्षण से जुड़े नियम 17 फरवरी 2020 को संशोधित किए गए थे। नियम के अंतर्गत आरक्षित वर्ग के मेरिट Candidates को सामान्य श्रेणी में शामिल करने के नियम बनाए गए थे। हालांकि इस प्रक्रिया को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। चुनौती देने के बाद सरकार की तरफ से नियम वापस लेने की बात कही गई थी। जिसके बाद राज्य सेवा परीक्षा 2019 के मुख्य चरण के नतीजे की घोषणा कर दी गई। उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। जिसके बाद कोर्ट के निर्देश को आधार बनाकर इंटरव्यू को रोकना पड़ा है। जल्द इंटरव्यू की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।

बता दें कि 2019-2020-21 के पदों पर नियुक्तियां कोर्ट में लंबित है। जिस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। वहीं MPPSC कारण है कि इस पर विधिक राय लिया जा रहा है। 2018 में 27 डिप्टी रजिस्ट्रार के अलावा 10 dsp, 2 जेल अधीक्षक, 2 जिला आबकारी अधिकारी और पांच वाणिज्य कर अधिकारी सहित 77 नायब तहसीलदार की नियुक्ति की गई थी।

वहीं साल 2019 की बात करें तो इसके लिए 2021 में परीक्षा का आयोजन किया गया था। 21 से 26 2021 मार्च तक हुए परीक्षा की रिजल्ट जारी किया जा चुका है लेकिन अब तक इस पर इंटरव्यू नहीं किए गए हैं। 500 से अधिक पदों पर होने वाली इस भर्ती के लिए कई बार इंटरव्यू को डाला जा चुका है। बता दें कि इससे पहले 21 से 26 मार्च 2021 को परीक्षा आयोजित की गई थी। हालांकि कोरोना की वजह से रिजल्ट 1 जनवरी 2022 को जारी किया गया। रिजल्ट जारी होने के 4 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस पर इंटरव्यू आयोजित नहीं हो सके हैं। इसके लिए अधिसूचना 330 पदों पर जारी की गई थी। जिसे बाद में बढ़ाकर 571 किया गया।

वही 2020 राज्य सेवा परीक्षा की बात करें तो 260 पदों पर इसके लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। 24 से 29 अप्रैल के बीच के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जा चुका है। इसके लिए उम्मीदवार अभी भी परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। वही MPPSC द्वारा जब तक 2019 के इंटरव्यू का आयोजन नहीं किया जाता। तब तक 2020 के प्रक्रिया को आगे बढ़ाना वस्तुतः मुश्किल ही लग रहा है।

जबकि 2021 के लिए राज्य सेवा परीक्षा 19 जून को आयोजित की जाएगी। जुलाई में इसके लिए परीक्षा परिणाम घोषित होने हैं। वही मुख्य परीक्षा का आयोजन इसी वर्ष 24 से 29 नवंबर को किया जाना है। जिसके लिए परीक्षा परिणाम फरवरी 2023 में जारी किए जाएंगे। अप्रैल 2023 में इसके लिए इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा। वहीं इसके लिए नियुक्ति 286 पदों पर आयोजित की जा रही है।

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