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आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर सर्वार्थसिद्धि योग, पूजा के लिए ये रहेंगे शुभ मुहूर्त

श्री कृष्ण जन्माष्टमी चार सितंबर शुक्रवार को मनाई जाएगी।भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र को मनाया जाता है।
ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया जन्माष्टमी पर कई दुर्लभ और शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। इस बार अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे जयंती योग कहा जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस योग में पूजा करने से जन्म-जन्मांतर के पाप और संकट दूर होते हैं।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, हर्षण योग, हंस योग, मालव्य योग, बुधादित्य राजयोग और नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा के शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि चार सितंबर 2को रात दो बजकर 25 मिनिट से शुरू होगी और 5 सितंबर को रात 12 बजकर 13 मिनिट समाप्त होगी। चूंकि जन्माष्टमी भादो कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र और मध्य रात्रि में मनाई जाती है।
इस दिन पूजा का समय -सुबह 11 बजकर 55 मिनिट से दोपहर पौने बजे तक।निशीथ काल (मध्यरात्रि पूजा का समय): रात 11 बजकर 57 मिनिट बजे से मध्यरात्रि 12 बजकर 43 मिनिट तक रहेगा।

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