ग्राहकों के डॉक्यूमेंट से जारी कर लेता था सिम, फिर इसी के जरिए होती थी ऑनलाइन धोखाधड़ी

रतलाम। ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत स्टेशन रोड पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम जारी करने के मामले में छत्रीपुल चौराहा स्थित एसएम मोबाइल के संचालक मोहम्मद इमरान छिपा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि उपभोक्ताओं के नाम से जारी की गई सिम का उपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी में हुआ।
राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय द्वारा संदिग्ध सिम विक्रेताओं, धारकों और एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद स्टेशन रोड थाने की टीम ने साइबर सेल से प्राप्त दस्तावेजों और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच की। जांच में कई मोबाइल नंबर ऐसे मिले, जिनके खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित शिकायतें दर्ज थीं। जांच के दौरान कृष्णा राठौर निवासी अर्जुननगर ने पुलिस को बताया कि उसके नाम से जारी सिम नंबर 8889632926 और 8962897966 उसने नहीं खरीदे और न ही उसे इनके बारे में जानकारी है।
इसी तरह प्रणव धाकड़ निवासी मीडटाउन कॉलोनी ने बताया कि छत्रीपुल के पास एक अज्ञात व्यक्ति और महिला ने उसके नाम से सिम निकलवाने के बदले 300 रुपये प्रति सिम देने की बात कही थी। लालच में उसने एसएम मोबाइल से अपने आधार कार्ड पर दो एयरटेल सिम निकलवाई। दुकानदार ने उसे 600 रुपये दिए। उसने दोनों सिम का उपयोग नहीं किया और वर्तमान में सिम कहां हैं, इसकी जानकारी भी नहीं है।
बाद में सिम का क्या उपयोग हुआ इसकी जानकारी नहीं
दिलीप मकवाना निवासी आम्बा ने बताया कि उसके परिचित रवि ने उसके नाम से एक सिम दिलाने को कहा था। रतलाम आने पर रवि और उसका दोस्त उसे साथ ले गए तथा 200 रुपये दिए। उसने दोस्ती के चलते अपने आधार कार्ड से सिम निकलवा दी, लेकिन बाद में उस सिम का क्या उपयोग हुआ, इसकी जानकारी नहीं है।
सामने आए तथ्यों के आधार पर उपभोक्ताओं के नाम से जारी सिम का उपयोग ऑनलाइन धोखाधड़ी में होना पाया गया। थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम ने बताया कि आरोपित मोहम्मद इमरान छिपा की तलाश की जा रही है। सिम जारी करने की प्रक्रिया और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेंगे।




