गांव में जमीन-मकान की रजिस्ट्री आज से मुफ्त
स्वामित्व योजना: 50 लाख निजी संपत्तियों का पंजीयन होगा फ्री

भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेख यानी संपत्ति के दस्तावेज अब बिना किसी शुल्क के रजिस्टर्ड होंगे। इसके लिए ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव 17 सितंबर को इंदौर से योजना का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। योजना के तहत करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाएगा। इस पर राज्य सरकार पर करीब चार हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
मुफ्त रजिस्ट्री के लिए क्या करना होगा
पंजीयन के लिए हितग्राही के आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और समग्र आईडी की ई-केवाईसी जरूरी होगी। प्रक्रिया ‘सारा’ मोबाइल एप के माध्यम से होगी। इसके बाद ‘संपदा’ एप पर पंजीयन अधिकारी विलेख यानी रजिस्ट्री का पंजीयन करेंगे। भूमि स्वामी की आधार ई-केवाईसी और लैंड लिंकिंग का काम भूलेख एप/पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ एवं एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे पंजीयन प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पूरी की जा सकेगी। पंजीयन पूर्ण होने के बाद पंजीयन विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग एवं मैदानी समीक्षा की जाएगी, जिससे अभियान निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके। योजना से संबंधित जानकारी एवं सहायता के लिए स्टेट लेवल डेडिकेटेड हेल्पडेस्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
क्या है स्वामित्व योजना
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र में लोगों की संपत्तियों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। दरअसल कई परिवारों के पास संपत्ति का मालिकाना हक है, लेकिन उसका कोई वैध रजिस्टर्ड दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए केंद्र सरकार ने 2020 में स्वामित्व योजना शुरू की थी। ऐसे लोगों की संपत्ति के अभिलेख तैयार कर दस्तावेजों का पंजीयन कराया जा रहा है। खास बात यह है कि इसके लिए हितग्राही से स्टाम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। पूरी राशि राज्य सरकार देगी। प्रदेश में अब तक 41,568 गांवों में 68.47 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का इस अभियान के तहत मुफ्त पंजीयन होगा।
किसे मिलेगा फायदा
इस योजना का लाभ उन ग्रामीण लोगों को मिलेगा, जिनकी निजी संपत्ति के अधिकार अभिलेख स्वामित्व योजना के तहत तैयार हो चुके हैं। पंजीयन के बाद संपत्ति का दस्तावेजी अधिकार और मजबूत होगा। इस दस्तावेज के आधार पर लोग घर बनाने, कारोबार, खेती या दूसरी आर्थिक जरूरतों के लिए लोन ले सकेंगे। इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक गतिविधियों और आजीविका को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
क्या पुराना विवाद समाप्त हो जाएगा
योजना के तहत सिर्फ रजिस्ट्री हो जाने से जमीन का पुराना विवाद खत्म नहीं माना जाएगा। यदि किसी संपत्ति पर पहले से किसी अन्य व्यक्ति का स्वामित्व दावा या कानूनी विवाद है, तो वह पक्ष राजस्व अथवा सिविल कोर्ट में अपना मामला रख सकता है। रजिस्ट्री मौजूदा स्वामित्व रिकॉर्ड या पट्टे में दर्ज व्यक्ति के नाम ही की जाएगी। केवल जमीन पर कब्जा होने या किसी व्यक्ति के दावा करने से उसके नाम स्वामित्व दर्ज कर रजिस्ट्री नहीं हो जाएगी।




