भोपाल में ब्लड बैंकों की मनमानी पर कार्रवाई, चार रक्त केंद्रों पर कार्रवाई

भोपाल। राजधानी में ब्लड बैंकों की निगरानी को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निरीक्षण में सामने आया कि कुछ रक्त केंद्रों ने पुरानी कमियों को दूर नहीं किया, कहीं मरीजों को अवसान तिथि पार कर चुके रक्त घटक जारी करने की बात सामने आई तो कुछ केंद्रों ने दूसरे राज्यों से रक्त और उसके घटक मंगाने में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। प्रदेश में हुई जांच के बाद भोपाल के चार रक्त केंद्रों की गतिविधियों पर रोक समेत अलग-अलग कार्रवाई की गई है। प्रदेश के 199 रक्त केंद्रों में से 166 का निरीक्षण कराया गया। इसमें अनियमितताएं मिलने पर एक सेंटर का लाइसेंस निरस्त किया गया, तीन केंद्रों की रक्त घटक बनाने की अनुमति निलंबित की गई और चार केंद्रों की गतिविधियां रोक दी गईं। दो केंद्रों को चेतावनी दी गई है, जबकि 26 अन्य केंद्रों का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी के लाइफ सेवर ब्लड सेंटर में मरीज को अवसान तिथि बीत चुके पीआरबीसी रक्त घटक जारी किए जाने और अन्य गंभीर अनियमितताएं मिलने पर पीआरबीसी बनाने की अनुमति 90 दिन के लिए निलंबित कर दी गई। नवोदय कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर ब्लड सेंटर में पुराने निरीक्षणों में सामने आई कमियां दूर नहीं की गई थीं। दस्तावेजों के रखरखाव और ड्रग्स रूल्स की शेड्यूल एफ के अनुपालन में भी कमी मिली। इसके बाद आगामी आदेश तक गतिविधियां रोक दी गईं। न्यू भोपाल ब्लड सेंटर में दूसरे राज्य से रक्त और उसके घटक मंगाने के दौरान राज्य रक्त आधान परिषद और खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचना नहीं देने का मामला सामने आया। बल्क ट्रांसफर गाइडलाइन का उल्लंघन और नियमों के विपरीत दूसरे रक्त केंद्र को रक्त घटक उपलब्ध कराने जैसी कमियां भी मिलीं। पुराने निरीक्षणों की कमियां भी दूर नहीं की गई थीं। अनुपालन होने तक यहां गतिविधियों पर रोक लगा दी गई। सेवा ब्लड सेंटर में भी निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर गतिविधियां रोकने की कार्रवाई की गई।
रीवा में रोक के बावजूद 11 यूनिट रक्त का संग्रह-वितरण
प्रदेश में सबसे गंभीर मामला रीवा के श्री अथर्बन ब्लड सेंटर में सामने आया। विभाग के मुताबिक केंद्र की गतिविधियां स्थगित रखने के आदेश के बावजूद वहां काम जारी था। जांच में पता चला कि 25 से 28 अगस्त के बीच 11 यूनिट रक्त का संग्रह और वितरण किया गया। केंद्र में 54 यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा का स्टॉक भी मिला। 26 अगस्त को प्लेटलेट्स कॉन्सन्ट्रेट की एक यूनिट मरीज को दिए जाने की जानकारी भी सामने आई। इन अनियमितताओं के आधार पर केंद्र का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया।
एक्सपायर्ड रक्त घटक जारी करने का मामला
सतना के एमपी बिरला हॉस्पिटल ब्लड सेंटर में मरीज को अवसान तिथि बीत चुके पीआरबीसी रक्त घटक जारी किए जाने की बात सामने आई। अन्य गंभीर कमियों के आधार पर पीआरबीसी बनाने की अनुमति 90 दिन के लिए निलंबित की गई। उज्जैन के सीआर गाड़ी हॉस्पिटल एवं आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के रक्त केंद्र में जंग लगे उपकरण, अधूरे रिकॉर्ड और कई जरूरी उपकरण चालू स्थिति में नहीं मिले। यहां होल ह्यूमन ब्लड की अनुमति एक दिन और सभी रक्त घटक बनाने की अनुमति सात दिन के लिए निलंबित की गई।
दूसरे राज्यों से खून मंगाने में भी नियमों की अनदेखी
रीवा के विंध्य ब्लड सेंटर में बिना एसबीटीसी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचना दिए दूसरे राज्य से रक्त व उसके घटक मंगाने का मामला सामने आया। बल्क ट्रांसफर गाइडलाइन के उल्लंघन पर केंद्र की गतिविधियां तत्काल रोक दी गईं। वहीं धार के मित्तल ब्लड सेंटर और इंदौर के अरविंदो ब्लड सेंटर में रिकॉर्ड के रखरखाव में कमी मिलने पर चेतावनी दी गई।
अब बाकी केंद्रों की भी होगी जांच
विभाग ने 26 अन्य रक्त केंद्रों का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित विभागों, अस्पतालों और आम लोगों तक पहुंचाने को कहा गया है। जांच का दायरा बढऩे के साथ अब फोकस इस बात पर रहेगा कि जिन केंद्रों में पहले कमियां मिल चुकी थीं, वहां उनका अनुपालन हुआ या नहीं और रक्त संग्रह, भंडारण तथा रक्त घटकों के वितरण में तय मानकों का पालन कितना हो रहा है।




