ताजा ख़बरें

अंकसूची में होगा विद्यार्थियों का फोटो और क्यूआर कोड, आसानी से हो सकेगा सत्यापन

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) अपनी अंकसूची को हाईटेक बनाने जा रहा है। उसमें नए और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़ने पर विचार कर रहा है।
खास बात यह होगी कि अंकसूची पर छात्र-छात्राएं की फोटो लगाई जाएगी। ऐसा करने से विद्यार्थियों की पहचान हो सके। इतना ही नहीं फर्जी अंकसूची पर भी लगाम कसी सके। विश्वविद्यालय के मुताबिक अंकसूची पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी।क्यूआर कोड, वाटरमार्क और विशेष प्रकार के कागज का इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर मार्कशीट का इस्तेमाल करना मुश्किल होगा
नई अंकसूची को लेकर विश्वविद्यालय ने एजेंसी से संपर्क किया है। उन्होंने अंकसूची में संबंधित विद्यार्थी की फोटो भी लगाने पर जोर दिया है। इससे किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर मार्कशीट का इस्तेमाल करना मुश्किल होगा। दस्तावेज देखने वाली संस्था फोटो के माध्यम से विद्यार्थी की पहचान भी कर सकेगी। अब मार्कशीट पर केवल नाम और रोल नंबर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थी की तस्वीर भी उसकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
नई अंकसूची में क्यूआर कोड रखा जाएगा। इसे मोबाइल से स्कैन करते ही अंकसूची से जुड़ी वास्तविक जानकारी सामने आ सकेगी। इससे नौकरी देने वाली कंपनियां, कालेज और अन्य संस्थान आसानी से जांच सकेंगे कि मार्कशीट असली है या नहीं। इसके लिए विश्वविद्यालय के कार्यालय में जाकर सत्यापन कराने की जरूरत भी कम होगी।
चार स्तरों पर होगी सुरक्षा
अंकसूची को सुरक्षित बनाने के लिए चार प्रमुख फीचर्स शामिल किए जाएंगे। इनमें क्यूआर कोड, डीएवीवी का विशेष मोनोग्राम, किनारों पर उभरा हुआ वाटरमार्क और फाड़ने पर आसानी से नष्ट नहीं होने वाला उच्च गुणवत्ता का कागज शामिल है। विश्वविद्यालय नई व्यवस्था को डिजिलाकर और एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट्स (एबीसी) से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे विद्यार्थी अपनी डिजिटल मार्कशीट कभी भी डाउनलोड कर सकेंगे। वर्ष 2020-21 के बाद प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की उपलब्ध एबीसी और आयुष्मान आईडी से जुड़ी जानकारी को भी सिस्टम में एकीकृत करने की योजना है।
मार्कशीट के लिए देना पड़ सकता है ज्यादा शुल्क
परीक्षा नियंत्रक अशेष तिवारी ने बताया कि अंकसूची में इन सुविधाओं के लागू होने से डीएवीवी मध्य प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बन सकता है, जो इस तरह की सुरक्षित डिजिटल मार्कशीट जारी करेगा। एजेंसियों से कुछ सिक्यूरिटी फीचर्स पर चर्चा चल रही है। प्रस्ताव तैयार होने के बाद विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में इसे रखा जाएगा।

Related Articles

Back to top button
Close