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“अनुगूँज” से विद्यार्थी देश और दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करेंगे : शिक्षा मंत्री परमार

भोपाल- “अनुगूँज” मध्यप्रदेश का एक ऐसा मंच है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुपालन में विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा को निखारने का अवसर देता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर “अनुगूँज” स्कूल शिक्षा विभाग की पहचान बन चुका है। “अनुगूँज” मंच के माध्यम से प्रदेश के विद्यार्थियों को समग्र शिक्षा के साथ योग्य कलाकार बनकर श्रेष्ठ मंच प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा और यहां के विद्यार्थी देश और दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

यह बात प्रदेश के स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री इन्दर सिंह परमार ने रविवार शाम को राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में “अनुगूँज” के चतुर्थ संस्करण के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ”कला से समृद्ध शिक्षा” कला एवं संस्कृति के महत्व को लगातार आगे बढ़ाने का प्रयास जारी है।

स्कूल शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि सदियों से भारत की कला की विश्व में चर्चा चल रही है और भारत की संस्कृति विश्व भर में विशेष महत्व रखती है। कला का भारत की परंपरा में विशेष स्थान है। कला सिर्फ मनोरंजन की नहीं बल्कि जीवन-यापन के लिए आमदनी का भी स्त्रोत्र रही है। स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों की सहभागिता, परिश्रम और मेंटर्स के समन्वय से बच्चों की प्रतिभा को नए आयाम देने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इस वर्ष संभाग स्तर पर भी “अनुगूँज” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने कहा कि भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय “अनुगूँज” के चतुर्थ संस्करण में प्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन संभाग के विद्यार्थी प्रतिभागिता कर रहे हैं। “अनुगूँज” तीन प्रमुख भागों में रंगकार, धनक और सृजन संपादित किया जा रहा है। “अनुगूँज” विद्यार्थियों को “कला के साथ शिक्षा” के संदर्भ में बड़े उत्साह के साथ कलाओं की बारीकियाँ सीखने का अवसर प्रदान करता है।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री परमार ने रूपांकन प्रदर्शनी का उदघाटन किया। कार्यक्रम में “अनुगूँज द जर्नी” वीडियो का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में महापौर मालती राय, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष भरत बैरागी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव श्रीकांत भनौठ, राज्य शिक्षा केंद्र संचालक धनराजू एस उपस्थित थे।

अनुगूँज कार्यक्रम में आज नाटक “झांसी की रानी”, मूक अभिनय ”हारमोनी ऑफ एक्सप्रेशन”, लोककथा आधारित नाटक “अता पता लापता” और नृत्याभिनय में “ऋतुओं के रंग प्रकृति के संग”की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। सभी कार्यक्रमों का मंच संचालन और व्यवस्थाओं के दायित्व का निर्वहन शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया।

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