प्रदेश के पांच हजार किसानों की ‘कवच’ बनी सरकार

भोपाल। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में किसानों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। प्रदेश की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के डिफाल्टर किसानों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने कवच योजना को हरी झंडी दे दी है। कर्ज के बोझ तले दबे प्रदेश के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मंत्रिपरिषद द्वारा मंजूर की गई कवच योजना के लागू होने से प्रदेश के 5000 डिफाल्टर किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से जुड़े ये किसान लंबे समय से राहत की उम्मीद कर रहे थे। इस योजना के माध्यम से उन्हें वित्तीय संकट से उबारने और पुन: मुख्यधारा की बैंकिंग व कृषि ऋण व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कवच के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय व्यवस्था भी तय कर दी गई है। योजना के अंतर्गत कुल राशि में राज्य सरकार और सहकारी बैंकों का आधा-आधा अंशदान रहेगा। इसमें 50 करोड़ की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और अपेक्स बैंक मिलकर लगाएंगे, जबकि 25 करोड़ का योगदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा।
जनता की सुविधा पर फोकस
जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने और बेहतर स्वास्थ्य निगरानी के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना एवं संचालन संबंधी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 11 हजार 812.02 करोड़ की स्वीकृति दी है। वहीं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्टेट डाटा सेंटर का उन्नयन संबंधी योजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,099 करोड़ 58 लाख की स्वीकृति दी है।
32,070 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी
कैबिनेट ने मप्र के विकास को गति देने कुल 32,070 करोड़ की योजनाओं और प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़, प्राथमिक स्वास्थ्य के लिए 11 हजार 812.02 करोड़, पीएमअभीम के तहत लैब नेटवर्क के लिए 2,449 करोड़ और रोगों के नियंत्रण के लिए 1,705 करोड़ की मंजूरी दी गई। खेल अधोसंरचना के लिए 2,460 करोड़ 57 लाख, ई-गवर्नेंस में स्टेट डाटा सेंटर के उन्नयन, परिचालन एवं संधारण के लिए 1 हजार 99 करोड़ 58 लाख मंजूर किए गए।
10 हजार शिक्षकों की भर्ती
जनजातीय कार्य विभाग के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक 6846 शिक्षकों के लिए प्रचलित क्रमोन्नत अनुसार चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान 1 जुलाई 2023 अथवा इसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रभावशील किए जाने का अनुमोदन दिया गया। इसी के साथ प्रदेश में 10 हजार शिक्षकों की भर्ती भी की जाएगी।
सुधरेगी औषधालयों की हालत
प्रदेश के जिला और सिविल अस्पताल एवं औषधालयों को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 12 हजार 517.99 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। योजना से जिला चिकित्सालय में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अस्पताल सुचारू रूप से संचालित किया जा सकेगा। मलेरिया सहित अन्य रोगों के नियंत्रण से संबंधित योजना शीत ज्वर के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 1,704 करोड़ 81 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।




