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आज का विद्यार्थी कल का भारत

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव की प्रदेश सरकार में तो अपनी कैबिनेट है ही, लेकिन उनका सामना एक बेहद अनोखी और युवा कैबिनेट से हुआ। यह अवसर था भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय का, जहां सीएम किताब से कल तक कार्यक्रम के तहत छात्राओं से सीधा संवाद करने पहुंचे थे। स्कूल की अपनी छात्र कैबिनेट की कार्यप्रणाली देखकर मुख्यमंत्री इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पूरी कैबिनेट को मंच पर अपने साथ बैठाया और उनकी भूमिकाओं को समझा। छात्राओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा- सांदीपनि विद्यालय परिसर में आपका स्वागत है। मैं आपका भाई हूं और मैं भी सरकारी स्कूल में ही पढ़ा हूं। हालांकि, हमारे समय ऐसे सर्वसुविधायुक्त स्कूल नहीं हुआ करते थे। परमात्मा की विशेष कृपा है कि आपको इतना सुंदर परिसर और अत्याधुनिक व्यवस्थाएँ मिली हैं। सीएम ने भारत शब्द की व्याख्या करते हुए कहा कि ‘भा’ का अर्थ प्रकाश और ‘रत’ का अर्थ लीन होना है। अर्थात जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में लीन रहे, वही भारत है। हमारी संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम और जियो और जीने दो के मूल संस्कारों पर आधारित है।
पूरी प्रक्रिया पारदर्शी
छात्राओं ने बताया कि इस कैबिनेट का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से ईवीएम ऐप के माध्यम से होता है। प्रचार अभियान से लेकर वार्षिक कैलेंडर तय करने और प्रदर्शन ठीक न होने पर पद से हटाने तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।
मास्टर ट्रेनर की भूमिका में नजर आए
मुख्यमंत्री ने कहा-मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वह कुंजी है, जो विद्यार्थियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती है। आज इन युवाओं के चेहरों पर ही मुझे भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। संवाद के दौरान मास्टर ट्रेनर की भूमिका में नजर आए। उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि आज का विद्यार्थी ही कल का भारत है। विद्यार्थियों के हर सपने को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। अमृतकाल की यह युवा पीढ़ी ही प्रदेश और देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
युवाओं और शिक्षकों संदेश
सीएम ने जोर देकर कहा-अगर देश के लोकतंत्र को जीवित रखना है, तो शिक्षित युवाओं को राजनीति में आना होगा। इसके साथ ही कृषि, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, डॉक्टर, इंजीनियर और सेना के माध्यम से देश को समृद्ध बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भी विचार साझा किए और उनसे अपील की कि वे विद्यार्थियों को उन्नत खेती, स्वावलंबन और देश सेवा के लिए प्रेरित करें। सीएम ने कहा- सांदीपनि विद्यालय देश के सबसे अच्छे विद्यालय हैं। आज निजी स्कूलों के बच्चे भी सांदीपनि में आने के लिए लालायित हैं। बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर, सेना में अफसर बनें। विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की जरूरत है। सिलेबस की पढ़ाई केवल पाठ्यक्रम के लिए जरूरी है। हमें अपने जीवन का लक्ष्य तय करके आगे बढ़ना चाहिए। टारगेट से जुड़े विषयों के अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए। ईश्वर ने हमें विशेष गुण दिया है कि जो जैसा सोचता है, वैसा बन जाता है। मैंने नौकरी नहीं की, खेती की और व्यवसाय किया।

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