सतना CSP मनीष त्रिपाठी ने संभाली कमान, ब्याज के बोझ और विवाद में बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा
तीन आरोपी गिरफ्तार, कुल्हाड़ी, चाकू और लोटा बरामद

सतना। काबिल अधिकारी अपनी कुर्सी से नहीं, कर्म से पहचान बनाता है। योग्यता का परिचय परिचय-पत्र से नहीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण मामलों के समाधान से होता है। सतना के नगर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस ने ऐसा ही एक मामला सुलझाया है, जिसे शुरुआती तौर पर अंधी हत्या माना जा रहा था।
सतना में पदभार संभाले अभी जुम्मा-जुम्मा चार दिन ही हुए थे कि उनके सामने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की एक ऐसी हत्या की गुत्थी आई, जिसमें न कोई स्पष्ट सुराग था और न ही आरोपियों का तत्काल पता। लेकिन पुलिस टीम ने साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ते हुए मामले का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बदबू से खुला बंद घर का राज
मझगवां भट्टा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के पास रमाशंकर गर्ग के घर से बदबू आने पर 18 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली। दरवाजा बाहर से बंद था। पुलिस ने अंदर जाकर देखा तो 65 वर्षीय रमाशंकर गर्ग का शव मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह ने प्रारंभिक जांच में नुकीले एवं धारदार हथियार से हत्या की आशंका जताई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
ब्याज बना विवाद, विवाद बना वारदात!
पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया कि करीब दो वर्ष पहले अंकित रैकवार ने रमाशंकर गर्ग से 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर 30 हजार रुपये लिए थे। इसके बदले सचिन रैकवार ने ब्लैंक चेक जमानत के रूप में दिया था।
पुलिस का कहना है कि ब्याज की रकम नहीं चुकाने पर रमाशंकर ने चेक के आधार पर कोर्ट में मामला लगाया था। इसी विवाद को खत्म करने के उद्देश्य से सचिन, अंकित और नीरज 15 सितंबर की रात रमाशंकर के घर पहुंचे।
पुलिस के अनुसार बातचीत बिगड़ी और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि सचिन ने लोटे से रमाशंकर के सिर पर वार किया। इसके बाद अंकित और नीरज ने घर में रखी कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद तीनों वहां से फरार हो गए।
सुराग जुड़े, संदिग्ध पकड़े गए
एसपी के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने संदेह के आधार पर मारुति नगर निवासी सचिन रैकवार, नीरज रैकवार और अंकित रैकवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में घटना की कड़ियां सामने आईं और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, चाकू और लोटा भी बरामद कर जब्त किए गए हैं।
अंधेरे में हत्या… लेकिन जांच में जुड़ती गई कड़ियां
यह मामला केवल एक हत्या का खुलासा नहीं, बल्कि उस जांच की कहानी भी है जिसमें सुराग खोजे गए, साक्ष्य जोड़े गए और संदेहियों तक पहुंच बनाई गई।
मनीष त्रिपाठी को सतना में पदभार संभाले भले ही कुछ ही दिन हुए हों, लेकिन इस चुनौतीपूर्ण मामले में पुलिस टीम की कार्रवाई ने यह जरूर दिखाया कि समय कम हो सकता है, लेकिन संकल्प और साक्ष्य मजबूत हों तो अंधी गुत्थी भी सुलझ सकती है। अब पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।




