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MP में बिना TET पास किए शिक्षकों को नहीं मिलेगा प्रमोशन

भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी शिक्षकों की पदोन्नति अब दिसंबर के बाद भी होना संभव नजर नहीं आ रही है। स्कूल शिक्षा विभाग और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है कि प्रदेश के 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य रहेगा।
सरकारी स्कूलों के महज 4 हजार शिक्षक शामिल
हालांकि, इस परीक्षा के लिए अब तक कुल 36 हजार शिक्षकों ने ही फॉर्म भरे हैं, जिनमें से सरकारी स्कूलों के महज 4 हजार शिक्षक शामिल हैं। ऐसे में पूरे 32 हजार पदों पर पदोन्नति होना मुमकिन नहीं दिख रहा है। जबकि आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह पहले ही कह चुके हैं कि टीईटी पास करते ही पात्र शिक्षकों को तुरंत पदोन्नति दे दी जाएगी। माना जा रहा था कि ट्राइबल डिपार्टमेंट के स्कूलों में पदस्थ 7 हजार शिक्षकों की पदोन्नति के बाद स्कूल शिक्षा विभाग पर भी बिना टीईटी के पदोन्नति देने का दबाव बन रहा था, जिसे विभाग ने खारिज कर दिया है।
सीआर की जानकारी मांगने से बना भ्रम
विभाग ने पदोन्नति करने के बजाय मैदानी स्तर पर रिकॉर्ड दुरुस्त करने की कवायद तेज की है। इसके तहत अधिकारियों को 25 अक्टूबर 2026 तक शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर), सेवा रिकॉर्ड और विभागीय जांच की विस्तृत रिपोर्ट तय प्रारूप में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इससे शिक्षकों के बीच भ्रम बन गया कि विभाग जल्द पदोन्नति करने वाला है। हालांकि, विभागीय तैयारियों के अनुसार 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में जारी अंतिम वरिष्ठता सूची को आधार बनाकर वर्ष 2018 से 2025 तक के सेवा रिकॉर्ड और सीआर का मिलान किया जा रहा है।
6500 शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का हो रहा सत्यापन
विभाग इस समय करीब 6,500 शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का गहन सत्यापन कर रहा है। इसमें वीआरएस (VRS) लेने वाले, सेवा समाप्त हो चुके और वरिष्ठता संशोधन से जुड़े मामलों की अलग से बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि अंतिम सूची में किसी प्रकार की गड़बड़ी न रहे। अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड सत्यापन और टीईटी उत्तीर्ण करने के बाद ही वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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