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इंदौर में जलसंकट को लेकर मंत्री ने बुलाई बैठक, सिर्फ तीन ही विधायक पहुंचे

इंदौर। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा जलसंकट की रोकथाम और प्रबंधन को लेकर गुरुवार को बुलाई गई बैठक में सिर्फ तीन विधायक ही पहुंचे। बैठक के बाद जब विजयवर्गीय से विधायकों की बैठक से दूरी की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि जो नहीं आए हैं उनके यहां जलसंकट नहीं होगा।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अलावा बैठक में शामिल होने वालों में विधायक रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया और मधु वर्मा शामिल थे। विधायकों की बैठक से दूरी ने एक बार फिर भाजपा की गुटबाजी उजागर कर दी। कांग्रेस ने भी इस मामले में भाजपा पर निशाना साधा है।
जागरुकता अभियान चलाना होगा
बैठक सुबह 10 बजे शुरू होना थी, लेकिन यह करीब डेढ घंटे देरी से शुरू हुई। महापौर परिषद के सदस्य भी बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर विजयवर्गीय ने कहा कि हमें जलसंकट की आहट सुनाई दे रही है। इससे निपटने के लिए जागरुकता अभियान चलाना होगा।

उपलब्ध पानी का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग करें
इस साल बोरिंग सूखने की आशंका है। जिन क्षेत्रों में नर्मदा लाइन नहीं है वहां पानी कैसे पहुंचाया जाए, यह बड़ा सवाल है। शावर की बजाय बाल्टी में पानी भरकर स्नान करें। आरओ के वेस्ट वाटर का उपयोग घर की साफ-सफाई में करें अर्थात हमारे पास उपलब्ध पानी का ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग करें।

अगर कोई पाइप लगाकर कार धोए तो उसका तत्काल चालान बनाया जाए। विजयवर्गीय ने कहा कि महापौर ने जलसंकट से निपटने के लिए 50 करोड़ रुपये मांगे हैं। हम जरूरत पडने पर 100 करोड़ रुपये भी देंगे।

जागरूकता अभियान चलाएंगे
इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अल्पवर्षा की स्थिति में बारिश का दौर खत्म होने के साथ ही इंदौर नगर निगम ने भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयारी शुरू कर दी है। हर वार्ड का मास्टर प्लान, संकट में सभी तक पानी पहुंचे इसकी तैयारी इसको लेकर जागरुकता का काम हम शुरू कर चुके हैं।

ये भी हुए थे शामिल
बैठक में जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, जलकार्य समिति अभिषेक बबलू शर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, नगरीय प्रशासन एवं विकास कमिश्नर संकेत भोंडवे आदि शामिल हुए।

इन विचारों पर हुआ मंथन
अवैध से वैध नल कनेक्शन के लिए आउटसोर्स टीम के साथ सर्वे कराया जाए
डोर टू डोर नल कनेक्शन का सर्वे कराया जाए
नवीन नल कनेक्शन के दस्तावेजो का सरलीकरण किया जाए
बोरिंग की जानकारी निकाली जाए, किनके द्वारा उपयोग किया जा रहा है पता लगाया जाए
जल संकट के संबंध में मेयर इन कौंसिल की बैठक बुलाई जाए
जिन नलों पर टोटी नहीं है उनके जल कनेक्शन काटे जाए
पानी चोरी करने वालो के विरूद्ध मुकदमा चलाने के लिए प्रविधान किए जाएं
पानी के लिये आपातकाल घोषित करें
नर्मदा जल से कार व वाहन धोने वालो पर कार्यवाही करें
तालाबों के आसपास 8 इंच के बोरिंग कराकर हाइड्रेंट बनाए जाएं
कांग्रेस ने साधा निशाना
आने वाले जल संकट के समाधान के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा आयोजित बैठक में विधायकों के नहीं पहुंचने पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि भाजपा की आंतरिक गुटबाजी शहर के मुद्दों पर भी हावी हो रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि जिले में भाजपा के नौ विधायक और इनमें दो मंत्री हैं। बैठक एक मंत्री ने बुलाई और उनके समेत सिर्फ चार विधायक बैठक में पहुंचे। पांच विधायकों की गैरमौजूदगी बता रही है कि भाजपा को शहर की और यहां के नागरिकों की कोई चिंता नहीं है। जब भाजपा के विधायक शहर के लिए आपसी गुटबाजी को भी नहीं भूल सकते तो भला वे जनता का भला कैसे सोच सकते हैं? कांग्रेस की ओर से कहा गया कि भाजपा नेताओं को शहर की चिंता है तो सबसे पहले इंदौर को सूखाग्रस्त घोषित करवाएं। अपनी सरकार से अतिरिक्त फंड और किसानों को राहत राशि का आवंटन करवाएं।

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