शिक्षिका ने यूकेजी की की छात्रा को मारा थप्पड़, गिरने से हाथ फ्रैक्चर
अमौधा के सीएमए विद्यालय की घटना, शिक्षिका पर कार्रवाई की मांग

सतना। सतना शहर के अमौधा स्थित सीएमए विद्यालय में एक अत्यंत चिंताजनक और संवेदनशील मामला सामने आया है। आरोप है कि होमवर्क नहीं करने पर एक शिक्षिका ने यूकेजी कक्षा की मासूम छात्रा को थप्पड़ मार दिया, जिससे वह संतुलन खोकर गिर पड़ी और उसका हाथ फ्रैक्चर हो गया। पीडित छात्रा यूकेजी कक्षा में अध्ययनरत है और चौहान नगर पतेरी निवासी संजय शर्मा की पुत्री है। परिजनों के अनुसार बच्ची नियमित रूप से स्कूल गई थी, लेकिन इंग्लिश विषय का होमवर्क अधूरा होने पर इंग्लिश पढ़ाने वाली शिक्षिका ने उसे थप्पड़ मार दिया। अचानक हमले से बच्ची संतुलन खो बैठी और नीचे गिर गई। चिकित्सकीय जांच में उसके हाथ में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
कानूनन अपराध की श्रेणी में मामला
जानकारों के अनुसार, यह घटना शिक्षा का अधिकार अधिनियम और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती है। कानून स्पष्ट रूप से विद्यालयों में किसी भी प्रकार की शारीरिक सजा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है।
थाने में शिकायत, कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा के पिता संजय शर्मा अमौधा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ शारीरिक हिंसा की जा रही है। परिजनों ने दोषी शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज देने से इंकार
मामले में विद्यालय प्रबंधन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज मांगी, तो विद्यालय प्रबंधन ने इसे देने से साफ इंकार कर दिया। यह रवैया मामले को छिपाने का प्रयास माना जा रहा है। वहीं विद्यालय की प्राचार्य ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और पूरे मामले पर कोई स्पष्ट बयान देने से बचती नजर आईं।
प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल
यह घटना निजी विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही को लेकर शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े करती है। अभिभावकों का कहना है कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे कृत्य दोहराए जाते रहेंगे। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन बाल अधिकारों की रक्षा को लेकर कितनी तत्परता दिखाता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।




