ताजा ख़बरें

रेलवे स्टेशनों की एआई कैमरों से होगी निगरानी

भोपाल। उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए भारतीय रेलवे ने व्यापक स्तर पर कार्ययोजना तैयार की है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने इंदौर दौरे के दौरान बताया कि सिंहस्थ महाकुंभ के अवसर पर 125 से अधिक विशेष (स्पेशल) ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों के माध्यम से उज्जैन के साथ-साथ इंदौर और आसपास के प्रमुख शहरों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि यात्रियों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही रेलवे का विशेष फोकस इस बात पर रहेगा कि श्रद्धालुओं को सस्ती यात्रा मिले और उन पर अतिरिक्त किराए का कोई आर्थिक बोझ न डाला जाए।
इंदौर स्टेशन का तेजी से हो रहा रीडेवलपमेंट और नई रेल परियोजनाएं: रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने इंदौर रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने जून 2025 की स्थिति की तुलना वर्तमान विकास कार्यों से करते हुए संतोष जताया और कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इंदौर से संचालित होने वाली कुछ महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की प्रक्रिया पर भी विचार चल रहा है, जिससे यात्रियों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए इंदौर-मनमाड़, इंदौर-खंडवा और इंदौर-उज्जैन रेल सेक्शन के अटके हुए या धीमी गति से चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। सिंहस्थ के दौरान इंदौर-उज्जैन मार्ग पर बढऩे वाले भारी दबाव को संभालने के लिए इस सेक्शन की क्षमता का विस्तार प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
शास्त्री ब्रिज का निरीक्षण और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था
निरीक्षण के अगले चरण में चेयरमैन सतीश कुमार ने इंदौर के व्यस्त शास्त्री ब्रिज का दौरा किया और वहां से गुजरने वाले यातायात के दबाव का जायजा लिया। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, मार्ग को चौड़ा करने के कार्यों के दौरान सुगम आवागमन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार करने पर विशेष चर्चा हुई। नए एलाइनमेंट और नए शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने और शुरुआती दौर के कार्यों को तुरंत शुरू करने की दिशा में अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
एआई तकनीक से लैस कैमरों द्वारा अत्याधुनिक सुरक्षा निगरानी
यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब रेलवे परिसरों और स्टेशनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से लैस हाई-टेक कैमरों को स्थापित किया जाएगा। इन कैमरों की खूबी यह होगी कि ये न सिर्फ सामान्य गतिविधियों पर नजर रखेंगे, बल्कि चेहरे की पहचान (फेशियल रिकग्निशन) और स्कैनिंग करने में भी पूरी तरह सक्षम होंगे। इस आधुनिक तकनीक से असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान की जा सकेगी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को रियल-टाइम अलर्ट मिलने में मदद मिलेगी और यात्रियों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित होगी।

Related Articles

Back to top button
Close