धर्म

चित्रकूट से निकलेगा भारत का आध्यात्मिक पुनर्जागरण, 21वीं सदी में हिंदुत्व का वर्चस्व

जयपुर कथा में बोले जगद्गुरु रामभद्राचार्य – अमेरिका की दादागिरी खत्म होगी, पीओके भारत का हिस्सा बनेगा

चित्रकूट/जयपुर।
सनातन संस्कृति की तपोभूमि चित्रकूट का उल्लेख करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि भारत का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण चित्रकूट जैसे तीर्थों से ही निकलेगा। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में हिंदुत्व का वर्चस्व पूरी दुनिया में स्थापित होगा और भारत एक विकसित व अजेय राष्ट्र बनेगा।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के नींदड़ क्षेत्र में चल रहे कथावाचन के दौरान रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि जिस तरह भगवान श्रीराम ने चित्रकूट में रहकर धर्म, मर्यादा और राष्ट्रबोध का संदेश दिया, उसी मार्ग पर चलकर भारत विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि आज जो अमेरिका दादागिरी कर रहा है, उसकी ताकत आने वाले समय में समाप्त हो जाएगी और भारत वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभाएगा।

जगद्गुरु ने कहा कि 21वीं सदी हिंदुओं की है और हिंदू जहां भी रहेंगे, वहां उनका सांस्कृतिक व आध्यात्मिक प्रभाव बढ़ता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) भी शीघ्र भारत में शामिल होगा और यह सब हनुमान जी की कृपा से संभव होगा।
कथा के पहले दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल हुए और हनुमान महायज्ञ में आहुतियां दीं। रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि जयपुर में हो रहा कथावाचन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व कल्याण, राष्ट्र निर्माण और भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने का आध्यात्मिक अभियान है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट जैसे तीर्थ भारत की आत्मा हैं और इन्हीं स्थलों से निकली चेतना देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और सामरिक रूप से मजबूत बनाएगी। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
Close