बीए एलएलबी प्रवेश में अनियमितता का आरोप, ASAP ने स्कॉलर होम कॉलेज प्रबंधन पर एफआईआर की मांग की

सतना। शहर के स्कॉलर होम कॉलेज पर प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने बीए एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश के नाम पर छात्रों से पूरी फीस वसूल ली, लेकिन बाद में उनका दाखिला नहीं किया गया। इस मामले को लेकर ASAP (एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स) छात्र संगठन ने मंगलवार को कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। ASAP से जुड़ी छात्राएं मंगलवार शाम सिटी कोतवाली पहुंचीं और रात करीब 9 बजे तक धरने पर बैठी रहीं। संगठन का कहना है कि कई छात्र-छात्राओं ने पूरे शैक्षणिक सत्र के दौरान नियमित रूप से फीस जमा की, लेकिन जब परीक्षा संबंधी जानकारी लेने कॉलेज पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका प्रवेश हुआ ही नहीं है। इससे छात्रों का पूरा शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है।
गलती छिपाने के लिए डिप्लोमा कराने का प्रस्ताव
मामले की जानकारी मिलने पर ASAP की सतना जिला प्रभारी अवनी सिंह बैस कार्यकर्ताओं के साथ कॉलेज पहुंचीं और प्राचार्य व स्टाफ से चर्चा की। संगठन का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने अपनी गलती छिपाने के लिए छात्रों को बीए एलएलबी के बजाय डिप्लोमा पाठ्यक्रम कराने का प्रस्ताव दिया, जिसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए छात्रों ने अस्वीकार कर दिया।
स्टाफ पर अभद्र व्यवहार के आरोप
छात्र संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले कॉलेज परिसर में किए गए शांतिपूर्ण विरोध के दौरान कॉलेज स्टाफ ने छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र और अमर्यादित व्यवहार किया। आरोप है कि छात्रों पर शराब पीकर आने जैसे झूठे आरोप लगाए गए और कुछ छात्रों को पहचानने से भी इनकार कर दिया गया।
आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं
धरने के दौरान सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने छात्राओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे वहां से लौटीं। संगठन का कहना है कि इससे पहले 27 नवंबर को भी सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन तब भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। वहीं, एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया ने जांच के लिए टीम गठित करने का भरोसा दिया था, पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
इन्हीं कारणों से मंगलवार को छात्र संगठन ने एक बार फिर आंदोलन तेज किया और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ इस तरह की अनियमितता न हो।
कॉलेज प्रबंधन का पक्ष
इस मामले में कॉलेज के डायरेक्टर राजीव सोई ने कहा कि यह मामला क्लर्कियल त्रुटि का है, जिसके कारण कुछ छात्रों का प्रवेश नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि जिन छात्रों का दाखिला नहीं हुआ है, उनकी पूरी फीस वापस की जा रही है।




