शिक्षा

शासकीय कन्या महाविद्यालय में ‘इंटर्नशिप’ के नाम पर वसूली का खेल? विद्यार्थियों से 1000 रुपये वसूली, प्रशिक्षण शून्य—कमीशनखोरी की आशंका

 सतना, शासकीय कन्या महाविद्यालय सतना इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि कॉलेज प्रशासन और कुछ विभागाध्यक्षों की मिलीभगत से एक निजी कंपनी के साथ संदिग्ध सहयोग किया जा रहा है। इस सहयोग के तहत छात्राओं से प्रति छात्रा 1000 रुपये जमा कराए जा रहे हैं, लेकिन बदले में न तो नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं और न ही कोई ठोस शैक्षणिक गतिविधि दिखाई दे रही है।
सूत्रों के अनुसार छात्राओं को “इंटर्नशिप” के नाम पर जोड़ा गया है, परंतु उन्हें किसी प्रकार का वास्तविक प्रशिक्षण या कार्यानुभव नहीं दिया जा रहा। केवल औपचारिक हस्ताक्षर करवाकर दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब इंटर्नशिप का वास्तविक संचालन ही नहीं हो रहा, तो यह पूरा तंत्र आखिर किस उद्देश्य से चलाया जा रहा है?

मामले में कमीशनखोरी की आशंका भी जताई जा रही है। यदि छात्राओं से वसूली गई राशि का पारदर्शी लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो यह वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आ सकता है। सरकारी महाविद्यालय में निजी कंपनी के माध्यम से आर्थिक लेन-देन पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। छात्राओं और अभिभावकों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। उनकी मांग है कि— कॉलेज और कंपनी के बीच हुए समझौते को सार्वजनिक किया जाए। छात्राओं से ली गई राशि का पूरा विवरण जारी किया जाए।
इंटर्नशिप की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो यह मामला उच्चस्तरीय जांच तक पहुंच सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों पर क्या जवाब देता है।

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