ताजा ख़बरें

410 ट्रैप कैमरों से होगी बाघों की निगरानी, 23 फरवरी से गणना शुरू होगी

सतना और मैहर जिलों में अखिल भारतीय बाघ गणना के तहत आज से 410 अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह अभियान 20 फरवरी से शुरू होकर तीन दिनों में पूरा किया जाएगा। इसके बाद 23 फरवरी से विधिवत बाघ गणना प्रारंभ होगी। 6 वन परिक्षेत्रों की 205 ग्रिड में ये कैमरे स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक ग्रिड का दायरा 2 वर्ग किलोमीटर निर्धारित है। बाघों के प्राकृतिक गलियारों, संभावित रहवासों, पगडंडियों और जल स्रोतों को चिन्हित कर कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिकतम सटीक डेटा प्राप्त हो सके।

 चित्रकूट उप वन मंडल में सबसे ज्यादा ग्रिड
चित्रकूट उप वन मंडल में 173 ग्रिड चिन्हित किए गए हैं, जहां 346 ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। इसमें चित्रकूट, मझगवां और बरौंधा रेंज शामिल हैं। मझगवां के रेंजर रंजन सिंह परिहार के अनुसार सरभंगा सर्किल में पहले से 40 कैमरे सक्रिय हैं। इसी प्रकार मैहर वन मंडल के मैहर, अमरपाटन और मुकुंदपुर रेंज की 32 ग्रिड में 64 ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। गणना कार्य के लिए संबंधित रेंजर्स और मैदानी स्टाफ को संजय टाइगर रिजर्व डुबरी के प्रशिक्षकों द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

28 दिनों तक रिकॉर्ड होगा डेटा
सभी कैमरे 28 दिनों तक लगातार डेटा रिकॉर्ड करेंगे। 24 मार्च को एआई आधारित रिकॉर्डिंग निकाली जाएगी। इसके बाद एम-स्ट्राइप्स की वैज्ञानिक पद्धति से विश्लेषण कर रिपोर्ट वाइल्ड लाइफ बोर्ड भोपाल को भेजी जाएगी। बाघों की पहचान उनके विशिष्ट धारी पैटर्न के आधार पर की जाएगी, जिससे बाहरी और स्थानीय बाघों में अंतर स्पष्ट हो सके।

अन्य वन्यजीव भी आए नजर
जानकारों के अनुसार, चित्रकूट उप वन मंडल की मझगवां रेंज के सरभंगा सर्किल में करीब 34 बाघों की आवाजाही है, जिनमें 4 टाइग्रेस शामिल हैं। पिछली गणना में सतना वन मंडल की 7 बीट में बाघ, 19 में भालू, 29 में तेंदुआ और 2 में लकड़बग्घे की गतिविधि दर्ज हुई थी। वहीं मैहर वन मंडल में भालू, भेड़िया और तेंदुए की मौजूदगी पाई गई थी। वन विभाग का मानना है कि यह गणना क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

Related Articles

Back to top button
Close