राजस्व भूमि पर चल रही अवैध हीरा खदान पर कार्रवाई, पोकलेन व ट्रैक्टर जब्त

सतना। जिले की मझगवां तहसील अंतर्गत सालिकपुर गांव में शासकीय राजस्व भूमि पर संचालित एक अवैध हीरा खदान पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व विभाग की टीम ने दबिश देकर मौके से एक पोकलेन मशीन और एक ट्रैक्टर जब्त किया है। यह खदान उत्तर प्रदेश के कलिंजर कटरा के प्रधान राजेंद्र रजक द्वारा लगभग पांच एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध रूप से संचालित की जा रही थी।
यह अवैध खदान सिंहपुर–कलिंजर रोड से कौहारी गांव होते हुए करीब दो किलोमीटर अंदर जंगल के बीच स्थित थी, जहां पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता भी नहीं था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को देख मिट्टी खनन और परिवहन में लगे दो दर्जन से अधिक श्रमिक पोकलेन और ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर मौके से फरार हो गए।
बिना नंबर के वाहन, चेचिस नंबर दर्ज
मौके से जब्त पोकलेन मशीन और ट्रैक्टर पर किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पाया गया। दोनों वाहनों के चेचिस नंबर दर्ज किए गए हैं। पोकलेन मशीन का चेचिस नंबर: 13G2096 ट्रैक्टर का चेचिस नंबर: WSTKE304271098 जब्त वाहनों को कौहारी पंचायत के सरपंच भैयालाल को सुपुर्द किया गया है।
यूपी के प्रधान मौके पर मिले
कार्रवाई के दौरान उत्तर प्रदेश के कलिंजर कटरा के प्रधान राजेंद्र रजक मौके पर मौजूद मिले, जो अवैध हीरा खदान का संचालन कर रहे थे। उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। बताया गया कि जंगल के बीच शासकीय भूमि पर हीरा निकालने के लिए करीब पांच एकड़ क्षेत्र में खुदाई की गई थी। मिट्टी की धुलाई के लिए पानी की पिट बनाई गई थी और हीरा बिनाई का कार्य किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह खदान कई वर्षों से संचालित हो रही थी, लेकिन अब जाकर पहली बार ठोस कार्रवाई हुई है।
एसडीएम के निर्देश पर गठित हुई टीम
मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर को बरौंधा सर्किल की यूपी सीमा से सटी कौहारी पंचायत के सालिकपुर गांव की शासकीय आराजी नंबर 21/1 में अवैध खनन की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने नायब तहसीलदार डॉ. सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में टीम गठित की।
टीम में राजस्व निरीक्षक रजनीश वर्मा, पटवारी स्वप्रिल तिवारी, आलोक द्विवेदी, अजय करण पांडेय, मनीष पांडेय सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।
कलेक्टर कार्यालय भेजा जाएगा प्रकरण
एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि अवैध हीरा खदान के संचालन की पुष्टि होने पर वाहन जब्त किए गए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर कार्यालय भेजी जा रही है।




