सतना में कुत्तों के काटने के मामले बढ़े, जिला अस्पताल में 8 दिनों में पहुंचे 1020 पीडि़त
Written by:Shatrughan singh Published: 11 January 2026 at 16: 41 IST

सतना। सतना जिले में सर्दियों के मौसम में कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। हालात ऐसे हैं कि सरकारी अस्पतालों में रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। जिला अस्पताल के आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को साफ तौर पर दर्शाते हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 120 से अधिक लोग डॉग बाइट के बाद रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। बीते 8 दिनों में 1020 लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं, जिनमें पहली के साथ दूसरी और तीसरी डोज लेने वाले मरीज भी शामिल हैं। यदि सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य शासकीय संस्थानों के आंकड़े जोड़े जाएं तो यह संख्या प्रतिदिन 150 से अधिक तक पहुंच जाती है। इसके अलावा कई पीड़ित निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन लगवा रहे हैं।

रैबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रैबीज वैक्सीन की कोई कमी नहीं है।
जिला अस्पताल स्टोर में 23,500 खुराक और सीएमएचओ स्टोर में 2,500 खुराक उपलब्ध हैं। इस तरह कुल 26,000 खुराकें स्टॉक में मौजूद हैं। हाल ही में अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। सूत्रों के मुताबिक, जिले में सरकारी अस्पतालों के माध्यम से सालाना लगभग 30 हजार खुराक रैबीज वैक्सीन की खपत होती है। शासकीय अस्पतालों में यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जाती है।
अलग इंजेक्शन कक्ष की व्यवस्था
जिला अस्पताल सहित सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉग बाइट पीड़ितों के लिए अलग इंजेक्शन कक्ष बनाए गए हैं। डॉक्टर से परामर्श के बाद मरीजों को वैक्सीन लगाई जा रही है। प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्टॉक कम होने पर तत्काल मांग भेजी जाए।
नवंबर से फरवरी तक अधिक खतरा
पशु चिकित्सालय प्रभारी डॉ. बृहस्पति भारती के अनुसार नवंबर से फरवरी तक मादा कुत्तों का प्रजनन काल होता है। इस दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण कुत्ते अधिक आक्रामक हो जाते हैं और हमले की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
डॉग बाइट के बाद क्या करें
रैबीज कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप गौतम ने बताया कि डॉग बाइट के बाद सबसे पहले घाव को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। झाड़-फूंक से बचें और 24 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचकर वैक्सीन व प्राथमिक उपचार जरूर कराएं।
स्वास्थ्य विभाग सतर्क
सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में रोजाना 120 से अधिक लोग रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। मरीजों की सुविधा के लिए अलग इंजेक्शन कक्ष बनाया गया है और वैक्सीन का स्टॉक पर्याप्त है।
आठ दिन के आंकडे
2 जनवरी- 115 केस, 3 जनवरी- 126 केस, 5जनवरी- 157 केस, 6 जनवरी- 150 केस,
7 जनवरी-112 केस, 8 जनवरी-110 केस, 9 जनवरी-104 केस, 10 जनवरी- 140 केस सामने आये हैं।




