माघी पूर्णिमा पर चित्रकूट में उमड़ा आस्था का सैलाब

सतना। सतना जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल चित्रकूट में माघी पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को आस्था का विशाल सैलाब देखने को मिला। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान कामतानाथ की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की।

सुबह से ही मंदाकिनी नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। “जय श्रीराम” और “कामतानाथ महाराज की जय” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। स्नान और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस बल एवं स्वयंसेवकों को घाटों पर तैनात किया गया था। कई श्रद्धालुओं ने साधु-संतों से आशीर्वाद लिया तथा दान-पुण्य भी किया।
आज हुआ माघ स्नान का समापन
हिंदू धर्म में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, जप-तप और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। माघी पूर्णिमा के साथ ही माघ स्नान का समापन भी होता है। शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर देवता भी पृथ्वी पर आकर तीर्थ स्नान करते हैं। इस दिन व्रत, कथा, हवन तथा जरूरतमंदों को अन्न-वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।
भगवान राम से जुड़ा है चित्रकूट का महत्व
चित्रकूट जैसे तीर्थ स्थलों पर माघी पूर्णिमा का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के साढ़े ग्यारह वर्ष इसी पवित्र भूमि पर व्यतीत किए थे। इसी कारण माघी पूर्णिमा पर यहां स्नान-दान और परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।




