“किसान की बेटी से चित्रकूट के विकास की कमान तक” सबसे कम उम्र की नगर परिषद अध्यक्ष साधना पटेल
Written by:Shatrughan singh Published: 01 February 2026 at 13: 41 IST

मध्य प्रदेश में सबसे कम उम्र में नगर परिषद अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल करने वाली चित्रकूट नगर परिषद अध्यक्ष सुश्री साधना पटेल के नेतृत्व में धार्मिक नगरी चित्रकूट में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। महज 21 वर्ष की उम्र में सतना जिले की चित्रकूट नगर परिषद की कमान संभालने वाली साधना पटेल ने यह साबित किया है कि युवा नेतृत्व भी बड़े बदलाव ला सकता है। विशाल खबर से विशेष साक्षात्कार में अध्यक्ष साधना पटेल ने चित्रकूट के विकास कार्यों और अपने राजनीतिक सफर को साझा किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चित्रकूट का विकास उसकी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संतों, प्रबुद्धजनों और आम नागरिकों से सुझाव लेकर चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण विकास का मॉडल बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

सवाल– सबसे कम उम्र में नगर परिषद अध्यक्ष बनने का अनुभव कैसा रहा?
जवाब— यह मेरे लिए गर्व का विषय है, लेकिन उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। जनता ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उसे विकास के कामों से मजबूत करना ही मेरा लक्ष्य है।
सवाल– राजनीति में आने की प्रेरणा कहां से मिली?
जवाब–– गांव और नगर की समस्याओं को नजदीक से देखा है। जनसेवा की भावना और परिवार व पार्टी के मार्गदर्शन से राजनीति में आने का निर्णय लिया।
सवाल– आपके पारिवारिक और शैक्षणिक जीवन के बारे में बताइए।
जवाब–– मैं सतना जिले के ग्राम पथरा की निवासी हूं। मेरे पिता श्री रामलाल पटेल किसान हैं और माता श्रीमती तिजिया देवी गृहिणी हैं। मेरी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पालदेव से हुई। इसके बाद ग्रामोदय विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन (बीएलएड) किया। वर्तमान में मैं एमए फाइनल ईयर की छात्रा हूं। तीन भाई-बहनों में मैं सबसे छोटी हूं, मेरे दो बड़े भाई हैं। मेरे भाई आदित्य पटेल भाजपा के सदस्य हैं।
सवाल- आपके अब तक के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां क्या रही हैं?
जवाब-– मेरे साढ़े तीन साल के कार्यकाल में 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने चित्रकूट को मिनी स्मार्ट सिटी योजना के तहत 400 करोड़ रुपये की सौगात दी है।
सवाल- वर्तमान में चित्रकूट में कौन-कौन से बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं?
जवाब- मोहकमगढ़ तिराहे से पीली कोठी तक चार लेन सडक़, प्रमुख तिराहों का सौंदर्यीकरण, गुप्त गोदावरी, सती अनुसूया और हनुमानधारा जैसे तीर्थ स्थलों के विकास कार्य चल रहे हैं। नगर के विभिन्न वार्डों में 50 किलोमीटर से अधिक नई सडक़ें बनाई गई हैं। तालाबों का सौंदर्यीकरण भी जारी है।
सवाल- श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर नगर परिषद क्या प्रयास कर रही है?
जवाब- प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु चित्रकूट आते हैं। अमावस्या मेला और पांच दिवसीय दीपावली मेले की सुचारु व्यवस्था की जाती है। स्वच्छता, यातायात और मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
सवाल- चित्रकूट के भविष्य को आप कैसे देखती हैं?
जवाब-आने वाले दो वर्षों में चित्रकूट को अयोध्या की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी, सांसद गणेश सिंह जी और विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार जी के मार्गदर्शन में यह कार्य किया जा रहा है। अगले वर्ष अप्रैल तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य है।
सवाल- विकास के साथ पर्यावरण और धार्मिक विरासत को लेकर आपकी क्या सोच है?
जवाब- चित्रकूट का विकास उसकी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए ही किया जाएगा। मंदाकिनी नदी की स्वच्छता, परिक्रमा पथ का सौंदर्यीकरण और धार्मिक स्थलों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है।
सवाल- इतनी कम उम्र में जिम्मेदारी निभाने में क्या चुनौतियां आती हैं?
जवाब- चुनौतियां जरूर आती हैं, लेकिन सीखने का मौका भी मिलता है। अनुभव और मार्गदर्शन से हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश करती हूं।
सवाल-भविष्य को लेकर आपकी क्या योजना है?
जवाब- मेरा लक्ष्य है कि चित्रकूट को स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक नगर के रूप में विकसित किया जाए और जनता को पारदर्शी व जवाबदेह प्रशासन मिले।
सवाल- युवाओं और महिलाओं के लिए आपका संदेश क्या है?
जवाब- उम्र कभी बाधा नहीं होती। अगर सोच साफ हो और इरादे मजबूत हों तो युवा और महिलाएं भी बड़े बदलाव ला सकती हैं।






