ट्रायल में ही जवाब दे गई 2.48 करोड़ की पेयजल लाइन, डेढ़ लाख लीटर पानी बर्बाद
एक साल पुरानी लाइन, दुकानों–मकानों में भरा पानी

सतना। नगर निगम द्वारा 2.48 करोड़ रुपये की लागत से बिछाई गई नई पेयजल फीडर लाइन रविवार को ट्रायल के दौरान पानी के दबाव को नहीं झेल सकी और सिटी कोतवाली चौक के पास फट गई। इस घटना में एक घंटे के भीतर करीब डेढ़ लाख लीटर पीने का पानी बर्बाद होने का अनुमान है। यह फीडर लाइन कंपनी बाग से नजीराबाद तक वार्ड-38 की टंकी को भरने के लिए बिछाई गई थी। लाइन फटने के बाद आसपास की दुकानों और मकानों में पानी भर गया, जबकि सिटी कोतवाली–गोशाला चौक मार्ग पर करीब 200 मीटर तक जलभराव हो गया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन से पानी इतनी तेज़ी से निकला कि 30 से 35 फीट ऊंचाई तक उछलकर दो–तीन मंजिला इमारतों तक पहुंच गया।
5 साल पहले बनी टंकी, 3 साल में लाइन, फिर भी पानी नहीं
नजीराबाद में जलावर्धन योजना के तहत नगर निगम ने 5 साल पहले 13.64 लाख लीटर क्षमता की उच्च स्तरीय टंकी का निर्माण कराया था। इस टंकी से वार्ड 35, 36, 38 और 39 में जलापूर्ति प्रस्तावित थी, लेकिन टंकी को भरने के लिए फीडर लाइन ही नहीं थी।
तीन वर्ष पूर्व नगर निगम ने कंपनी बाग टंकी से नजीराबाद टंकी तक 2 किलोमीटर लंबी फीडर लाइन बिछाने का ठेका दिया। ठेकेदार ने यह काम पेटी ठेकेदार को सौंप दिया, जिसने इसे डेढ़ साल की देरी से पूरा किया।
हर ट्रायल में फेल, फिर भी भुगतान?
चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले एक साल से जब भी ट्रायल किया गया, लाइन कहीं न कहीं फट जाती है। इसके बावजूद न तो ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही काम की गुणवत्ता पर सवाल उठे।




