“किडनी बेच दूंगा, लेकिन सड़क बनवाऊंगा” बैनर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा ग्रामीण
सड़क–पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण भूख हड़ताल पर

रीवा। सड़क–पुल निर्माण की मांग को लेकर रीवा जिले में एक ग्रामीण का अनोखा और चौंकाने वाला विरोध सामने आया है। ग्राम पंचायत गढ़ा 138 निवासी धनेश सोनकर “किडनी बेच दूंगा, ताकि सड़क–पुल बनवा सकूं” लिखा बैनर लेकर कलेक्ट्रेट गेट के सामने भूख हड़ताल पर बैठ गया, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत सड़क–पुल निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया।
2.51 करोड़ की मंजूरी, आधी से भी कम सड़क बनी
जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत गढ़ा 138 में सड़क–पुल निर्माण के लिए 2 करोड़ 51 लाख 15 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। योजना के तहत 2200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण होना था, लेकिन अब तक करीब 500 मीटर सड़क ही बन पाई है। शेष कार्य बीच में ही रोक दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य बंद करने की न कोई सूचना दी गई और न ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की गई, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट गया है।
स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित
अधूरी सड़क का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक खराब रास्ते के कारण गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती। आपात स्थिति में मरीजों को चारपाई पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे जान का खतरा बना रहता है।
“कई बार शिकायत की, नहीं हुई सुनवाई”
भूख हड़ताल पर बैठे धनेश सोनकर ने कहा, “सड़क आधी बनी है, आगे जाना मुश्किल है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा।”
कलेक्टर से शिकायत, कार्रवाई की मांग
धनेश सोनकर ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर रीवा को सौंपते हुए सड़क–पुल निर्माण की जांच, दोषियों पर कार्रवाई और अधूरे कार्य को शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रखेंगे। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं और समस्या के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
धमकी देने का आरोप
धनेश सोनकर ने आरोप लगाया है कि पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।




