फर्जी नामांतरण का खुलासा, 47 लोगों की 12 एकड़ जमीन शासन ने की वापस
एसडीएम सिटी का आदेश, एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम दर्ज हुई भूमि

सतना। सतना हवाई अड्डे से संबंधित शासकीय भूमि को लेकर लंबे समय से चले आ रहे फर्जी नामांतरण के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीएम सिटी ने आदेश जारी करते हुए 47 लोगों के नाम दर्ज करीब 12 एकड़ जमीन को शासकीय घोषित कर दिया है। उक्त भूमि अब आधिकारिक रूप से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नाम दर्ज कर दी गई है।
जांच में सामने आया कि यह भूमि मूल रूप से शासकीय थी, लेकिन वर्षों पूर्व राजस्व अभिलेखों में गलत तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दी गई। भूमि की वापसी अथवा निजीकरण को लेकर कोई वैध अधिसूचना उपलब्ध नहीं पाई गई।
पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आई गड़बड़ी
प्रशासन द्वारा उपलब्ध अभिलेखों की जांच में पता चला कि वर्ष 1939 में हवाई पट्टी के लिए भूमि अधिग्रहित की गई थी। बाद में 1961 के आसपास हुई प्रशासनिक त्रुटियों के चलते बड़ी मात्रा में भूमि निजी खातों में दर्ज होती चली गई। इसी क्रम में सतना एयरपोर्ट से जुड़ी 12 एकड़ जमीन भी गलत तरीके से निजी स्वामित्व में चली गई।
रिकॉर्ड सुधार के निर्देश
एसडीएम सिटी ने तहसीलदार को आदेश दिए हैं कि सभी राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करते हुए भूमि को शासकीय मद में दर्ज किया जाए। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आगे किसी भी प्रकार के नामांतरण पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि मामले में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय से सतना एयरपोर्ट के विकास कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।




