चित्रकूट के प्रमुख पर्यटन स्थल गुप्त गोदावरी में फिर लौट रही अराजकता!
पैसे लेकर शॉर्टकट दर्शन का खेल, कथित कर्मचारियों पर गंभीर आरोप

चित्रकूट। धार्मिक नगरी चित्रकूट के प्रमुख पर्यटन स्थल गुप्त गोदावरी में एक बार फिर अराजकता का माहौल बनता नजर आ रहा है। कुछ समय पहले एसडीएम महिपाल गुर्जर (IAS) नगर परिषद सीएमओ अंकित सोनी द्वारा सख्ती कर व्यवस्था को पटरी पर लाया गया था, लेकिन मेले की भीड़ बढ़ते ही कथित कर्मचारियों की पैसे की लालसा ने पूरी व्यवस्था को फिर से सवालों के घेरे में ला दिया है।
आरोप है कि बीते 20 दिसंबर से अवैध रूप से पैसे लेकर शॉर्टकट दर्शन कराने का सिलसिला खुलेआम चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि ये कथित कर्मचारी न तो नगर परिषद से मानदेय लेते हैं और न ही इनके पास किसी प्रकार का शासकीय आदेश है, फिर भी ये बिना रोक-टोक संवेदनशील स्थल पर ड्यूटी करते नजर आ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जहाँ आम श्रद्धालुओं को 2 से 3 घंटे तक लाइन में लगकर दर्शन करना पड़ता है, वहीं पैसे देने वालों को महज 10 मिनट में शॉर्टकट रास्ते से दर्शन करा दिए जाते हैं। इन श्रद्धालुओं को पहले से ही समझा दिया जाता है कि यदि कोई पूछे तो वे खुद को अधिकारी, नेता, पत्रकार या स्थानीय प्रभावशाली लोगों का रिश्तेदार बताएं।
इस पूरे खेल में गुफा गेट के पास स्थित फूलमाला दुकान के ठेकेदार की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। ठेकेदार द्वारा आम श्रद्धालुओं को रस्सी लगाकर रोका जाता है, जबकि शॉर्टकट दर्शन कराने वालों को उसी रास्ते से प्रवेश मिल जाता है।
सूत्रों के अनुसार, रोजाना 200 से अधिक श्रद्धालुओं से अवैध वसूली कर दर्शन कराए जा रहे हैं। चर्चा है कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा चित्रकूट के कुछ खास लोगों तक भी पहुंचता है, जिससे इन कथित कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं।
स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो कोई बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि अक्टूबर माह में भी इसी तरह की अव्यवस्था और कथित भर्राशाही के विरोध में घटना घट चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे नजर आ रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि
क्या संवेदनशील धार्मिक स्थल पर अवैध रूप से डटे इन लोगों पर कार्रवाई होगी, या फिर श्रद्धालुओं की आस्था यूं ही तार-तार होती रहेगी?


