विंध्य की वादियों में इन जगहों पर करें न्यू ईयर सेलिब्रेट, मिलेगा सुकून और भरपूर आनंद
कम खर्च में मिलेगा सुकून, प्रकृति और रोमांच का भरपूर आनंद

नए साल के आगमन को लेकर लोगों में उत्साह चरम पर है। युवा वर्ग जहां पार्टी और पिकनिक स्पॉट की तलाश में रहता है, वहीं परिवार शांति और प्रकृति के बीच नया साल मनाना चाहता है। ऐसे में विंध्य क्षेत्र उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है, जो भीड़-भाड़ और टेंशन से दूर रहकर न्यू ईयर सेलिब्रेट करना चाहते हैं। विंध्य की वादियों में प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की भरमार है। यहां कम खर्च में परिवार और मित्रों के साथ नया साल यादगार बनाया जा सकता है।
सतना। Published by: Shatrughan singh Updated Sat, 29 Dec 2025 03:54 PM IST
आइए जानते हैं विंध्य की वादियों की बेहतरीन न्यू ईयर डेस्टिनेशन—
चित्रकूट धाम, आध्यात्म और प्रकृति का संगम- सतना से ७5 किमी दूर स्थित चित्रकूट देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक है। मुख्य आकर्षण- रामघाट, कामतानाथ पर्वत परिक्रमा, गुप्त गोदावरी, हनुमान धारा, भरत कूप, स्फटिक शिला, जानकी कुंड, सती अनुसूइया आश्रम।

गुप्त गोदावरी रहस्यमयी गुफाओं का संसार- चित्रकूट से 18 किमी दूर पहाडियों में स्थित गुप्त गोदावरी अपनी प्राकृतिक जलधारा और पौराणिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। गुप्त गोदावरी, चित्रकूट की एक मनमोहक और रहस्यमयी गुफा प्रणाली है, यह चित्रकूट यात्रा का एक अभिन्न अंग मानी जाती है, जो अपनी अनोखी जलधारा और प्राकृतिक नक्काशी से पर्यटकों को आकर्षित करती है, घुटनों तक बहता पानी, राम-लक्ष्मण के सिंहासन और ‘खटखटा चोर’ की कथा इसे खास बनाती है।

मैहर- मां शारदा की नगरी- सतना से 45 किमी दूर त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा देवी का मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। मां शारदा की नगरी का मतलब है कि मैहर वह शहर है जहां मां शारदा (ज्ञान और बुद्धि की देवी, देवी सरस्वती का रूप) का प्रसिद्ध और पूजनीय मंदिर स्थित है, जो कि त्रिकूट पर्वत की चोटी पर है और 1001 सीढिय़ों के बाद पहुंचने वाला एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ है। अन्य आकर्षण-आल्हा-उदल अखाड़ा, जलप्रपात और रोपवे यात्रा।

धारकुंडी- पहाड़ों से बहती जलधाराएं- सतना से 70 किमी दूर धारकुंडी आश्रम प्रकृति और अध्यात्म का अद्भुत संगम है। घने जंगल, गहरी खाइयां, शैल चित्र और पर्वतीय जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

धारकुंडी- पहाड़ों से बहती जलधाराएं
रामवन-जहां रूके थे राम- सतना से 16 किमी दूर स्थित रामवन स्थान त्रेता युग से जुड़ा है, जहां भगवान राम वनवास के दौरान रुके थे और यहां तुलसी संग्रहालय भी है, जो प्राचीन संस्कृति दिखाता है। यहां हनुमान जी की बड़ी मूर्ति और बच्चों के लिए झूले हैं, जो इसे धार्मिक और मनोरंजक केंद्र बनाते हैं।

व्हाइट टाइगर सफारी, मुकुंदपुर- विश्व की पहली व्हाइट टाइगर सफारी के रूप में विकसित मुकुंदपुर चिडय़िाघर रोमांच पसंद करने वालों के लिए शानदार स्थल है। यह सतना से 50 किमी और रीवा से मात्र 10 किमी दूर है।

रीवा के जलप्रपात- प्रकृति का अद्भुत नज़ारा, रीवा को जलप्रपातों की नगरी कहा जाता है। प्रमुख जलप्रपात– चचाई (प्रदेश का सबसे ऊंचा), क्योंटी, पुरवा, बहुती, घिनौची धाम।

बसामन मामा – प्रदेश का प्रथम गौ अभयारण्य- रीवा से 35 किमी दूर बसामन मामा धाम आस्था और शांति का केंद्र है।
यह स्थल गौ अभयारण्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।

देउर कोठार- बौद्ध स्तूपों की ऐतिहासिक श्रृंखला- रीवा से 60 किमी दूर स्थित देउर कोठार में पांच हजार वर्ष पुराने बौद्ध स्तूपों की सबसे बड़ी श्रृंखला है। यह स्थल शांति और विश्व बंधुत्व का संदेश देता है।

माड़ा की ऐतिहासिक गुफाएं- सीधी जिले में स्थित माड़ा गुफाएं इतिहास और रोमांच प्रेमियों के लिए खास हैं।
साथ ही संजय गांधी नेशनल पार्क और चंद्रेह के प्राचीन मंदिर भी देखने योग्य हैं।

रीवा फोर्ट और बघेला म्यूजियम- रीवा राजघराने का ऐतिहासिक किला और म्यूजियम पर्यटकों की पहली पसंद है।
विदेशी झूमर, शाही विरासत और बघेला वंश का गौरवशाली इतिहास यहां देखने को मिलता है।
कम खर्च, ज्यादा सुकून- विंध्य क्षेत्र की ये जगहें न केवल प्राकृतिक और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध हैं, बल्कि यहां कम खर्च में शानदार न्यू ईयर सेलिब्रेशन किया जा सकता है। अगर आप भी इस न्यू ईयर शांति, प्रकृति और रोमांच चाहते हैं, तो विंध्य की वादियां आपका इंतजार कर रही हैं।




