सिकमी किसानों का धरना, सर्किट हाउस चौराहे पर लगा जाम
प्रशासन के आश्वासन के बाद 30 मिनट में खत्म हुआ प्रदर्शन

सतना। सतना जिले में सिकमी (बटाई) किसानों के धान पंजीयन का सत्यापन नहीं होने से किसान गंभीर संकट में हैं। पंजीयन असत्यापित रहने के कारण किसानों की स्लॉट बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे वे अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। इसी के विरोध में मंगलवार शाम करीब 4 बजे किसान धरने पर बैठ गए।
धरना सर्किट हाउस चौराहे पर शुरू होते ही स्टेशन रोड और पुल के ऊपर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया। धरने की पूर्व सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाइश देती रही, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। करीब 30 मिनट तक चले हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद आवागमन बहाल हो सका।
इस दौरान सिविल लाइन थाना प्रभारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
किसानों का कहना है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत धान विक्रय के लिए उन्होंने सिकमी रकबे का पंजीयन कराया था, लेकिन खाद्य आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) द्वारा यह कहकर पंजीयन असत्यापित कर दिया गया कि दस्तावेज पूर्ण नहीं हैं अथवा अपलोड नहीं किए गए हैं। जबकि किसानों के अनुसार सभी मूल दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं और उनकी छायाप्रतियां संबंधित ऑपरेटर के पास भी उपलब्ध हैं।
पंजीयन सत्यापन न होने के कारण धान की खरीदी नहीं हो पा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौंपा गया था और 27 दिसंबर को मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री को भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सिकमी किसानों के पंजीयन का तत्काल सत्यापन कर धान खरीदी सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।




