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सरकारी पैसा, फर्जी वेंडर और कमीशनखोरी! मझगवां पंचायतों पर भ्रष्टाचार का साया

जनपद अध्यक्ष ने सीईओ को लिखा पत्र, 7 दिन में जांच और कार्रवाई के निर्देश

  • 96 पंचायतें, फर्जी वेंडर और करोड़ों का गबन! अध्यक्ष ने खोला भ्रष्टाचार का पिटारा
  • दुकान नहीं, GST नहीं… फिर भी भुगतान! मझगवां पंचायतों में खुली लूट
  • 5% कमीशन पर सरकारी धन की बंदरबांट, मझगवां जनपद में बड़ा घोटाला उजागर
  • पंचायत से जिला तक सब वाकिफ! मझगवां में फर्जी वेंडरों से सरकारी खजाने पर डाका
  • कार्यालय खर्च और सफाई के नाम पर खेल! मझगवां जनपद में फर्जी भुगतान की जांच के आदेश

(सतना)। मझगवां जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतों में फर्जी वेंडरों के माध्यम से सरकारी राशि के खुलेआम गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जनपद पंचायत अध्यक्ष रेणुका जायसवाल ने इस गंभीर अनियमितता को लेकर जनपद के प्रभारी सीईओ राहुल पांडेय को पत्र लिखते हुए सभी पंचायतों में वेंडरों के भुगतान की जांच कर सात दिन के भीतर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अध्यक्ष ने पत्र में स्पष्ट किया है कि जनपद की कई पंचायतों में सरपंच-सचिव द्वारा पंचायत के विभिन्न मदों से ऐसे वेंडरों को भुगतान किया जा रहा है, जिनकी न तो कोई दुकान है और न ही वे जीएसटी पंजीकरण के दायरे में आते हैं। इसके बावजूद हर माह लाखों रुपये का भुगतान कर सरकारी खजाने को चूना लगाया जा रहा है।

मझगवां जनपद में कुल 96 ग्राम पंचायतें हैं, जहां कार्यालय खर्च, नालियों की सफाई एवं अन्य कार्यों के नाम पर राशि निकाली जाती है। आरोप है कि ब्याज की राशि और पांचवें वित्त आयोग की राशि से सबसे अधिक अहरण किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रत्येक पंचायत में हर माह 50 हजार से एक लाख रुपये तक की राशि फर्जी वेंडरों के खातों में डालकर बंदरबांट की जाती है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वेंडर अपने खातों में डाली गई सरकारी राशि पर लगभग 5 प्रतिशत कमीशन काटकर शेष रकम सरपंच-सचिव को वापस कर देते हैं। जनपद से लेकर जिला स्तर तक अधिकारी इस पूरे खेल से अवगत होने के बावजूद अब तक आंख मूंदे बैठे रहे।
जनपद पंचायत अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाती है तो जनपद में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सात दिन की समय-सीमा में कार्रवाई होती है या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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