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65 लाख का उप  स्वास्थ्य केंद्र या भ्रष्टाचार की नींव? अकौना में निर्माण पर संगीन आरोप

जमी हुई सीमेंट से बन रहा उप स्वास्थ्य केंद्र! अकौना में 65 लाख के काम पर उठे सवाल

सतना। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन रामपुर बाघेलान विकासखंड की ग्राम पंचायत अकौना में बन रहा 65 लाख रुपये का उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गया है। निर्माण स्थल पर कथित रूप से घटिया सामग्री के उपयोग के आरोपों ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 15वें वित्त आयोग योजना अंतर्गत 2800 वर्गफीट में इस उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना की मूल स्वीकृत लागत 55 लाख रुपये बताई गई है, जबकि 10 लाख रुपये जीएसटी सहित कुल लागत 65 लाख रुपये है। परियोजना का एनआईएन नंबर 1668328683 दर्ज है।

जमी हुई सीमेंट के उपयोग का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर रखी कई सीमेंट की बोरियां नमी के कारण जम चुकी थीं। गंभीर आरोप यह भी है कि इन जमी हुई बोरियों को हटाने या नष्ट करने के बजाय पीसकर दोबारा निर्माण कार्य में उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा इस संबंध में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया तो यह भवन भविष्य में मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। गांव में निर्माण कार्य को लेकर आक्रोश और चिंता का माहौल है।


गुणवत्ता और पारदर्शिता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण सामग्री की नियमित जांच और निगरानी नहीं हो रही है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से बन रहे भवन में यदि घटिया सामग्री का उपयोग होता है तो यह शासन की मंशा के विपरीत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
जांच का आश्वासन
स्वास्थ्य विभाग की इंजीनियर अनीता द्विवेदी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व स्थल का निरीक्षण किया गया था और दोबारा मौके पर जाकर सामग्री व निर्माण कार्य की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। निर्माण कार्य ठेकेदार योगेंद्र शुक्ला द्वारा कराया जा रहा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

ग्रामीणों की मांग— जांच तक रोका जाए निर्माण
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई है।
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। देखना यह है कि 65 लाख रुपये की लागत से बन रहा यह उप स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीणों के लिए मजबूत स्वास्थ्य सुविधा साबित होगा या फिर लापरवाही और अनियमितता का प्रतीक बनकर रह जाएगा।

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