रामपुर बाघेलान में कानून व्यवस्था पर बवाल: बस स्टैंड में प्रदर्शन, 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो तालाबंदी की चेतावनी

सतना। रामपुर बाघेलान में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बस स्टैंड पर सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बढ़ती चोरियों, कथित पुलिस निष्क्रियता, आदिवासी युवती के अपहरण और राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने 7 दिन की चेतावनी देते हुए साफ कर दिया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो थाना घेराव, तालाबंदी और उग्र आंदोलन किया जाएगा। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण बस स्टैंड पर एकत्र हुए और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम पुलिस अधीक्षक (SP) को तथा रीवा संभाग आयुक्त के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्षेत्र की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस कथित रूप से क्षेत्रीय नेताओं के दबाव में काम कर रही है और निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में हुई कई बड़ी चोरियों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है, जिससे जनता का भरोसा डगमगा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, पड़रिया में 10 लाख रुपये, कृष्णा गौतम के घर से 3 लाख रुपये तथा अर्जुन सोनी की दुकान से 5 लाख रुपये की चोरी हुई। इसके अलावा कई ज्वेलर्स की दुकानों में भी चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
अपहरण और गौवंश हत्या से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों ने वार्ड क्रमांक 5 में गौवंशों की हत्या, एक आदिवासी युवती के अपहरण और लूट की घटनाओं का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि इन मामलों में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
टोल प्लाजा, नल-जल योजना और आवारा पशुओं का मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने रूहिया-बेला टोल प्लाजा द्वारा ग्रामीण मार्ग बंद किए जाने का विरोध किया। उनका कहना है कि इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। साथ ही नल-जल योजना में कथित अनियमितताओं और आवारा पशुओं से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया।
7 दिन की मोहलत, फिर उग्र आंदोलन
ग्रामीणों ने सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच और शीघ्र समाधान की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।




