अपराध

‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में नियमों की धज्जियां! सत्ता पक्ष के स्वागत में कानून हुआ बेबस?

सतना। आम जनता को हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस की साख उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब ‘पुलिस’ लिखी एक गाड़ी कथित रूप से मध्यप्रदेश के भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर के स्वागत कार्यक्रम के दौरान नियमों की अनदेखी करती नजर आई। जिस वाहन पर कानून का प्रतीक अंकित हो, उसी में नियमों की धज्जियां उड़ती दिखें तो स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े होते हैं।


बुधवार 11 फरवरी की दोपहर शहर के रीवा रोड पर उक्त वाहन फर्राटा भरता नजर आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एमपी17 सीबी 4736 नंबर की मारुति स्विफ्ट कार में निर्धारित क्षमता से अधिक लोग सवार थे। आरोप है कि आधा दर्जन कार्यकर्ता खिड़कियों से बाहर लटककर नारेबाजी करते हुए लगभग 5 किलोमीटर तक वाहन में सवार रहे, जिससे न केवल यातायात नियमों की अनदेखी हुई बल्कि अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ी।

स्वागत कार्यक्रम के दौरान जुलूस जैसे हालात बने और कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आम नागरिक छोटी सी गलती पर चालान का सामना करता है, लेकिन जब ‘पुलिस’ लिखी गाड़ी में ही नियमों का उल्लंघन दिखे तो यह दोहरे मापदंड की तस्वीर पेश करता है।

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि वाहन तेज गति से दौड़ता रहा, लेकिन न तो यातायात पुलिस की नजर पड़ी और न ही शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों में तत्काल कोई कार्रवाई होती दिखाई दी। हालांकि कुछ नागरिकों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संबंधित वाहन आधिकारिक ड्यूटी पर था या निजी उपयोग में लाया गया था। इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।

कानूनी जानकारों के अनुसार, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सभी वाहनों पर समान नियम लागू होते हैं—चाहे वे सरकारी हों या निजी। क्षमता से अधिक सवारी, वाहन से बाहर लटकना, तेज गति से चलाना या यातायात बाधित करना—सभी दंडनीय श्रेणी में आते हैं।
अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी या फिर मामला प्रभाव के दबाव में ठंडे बस्ते में चला जाएगा? शहरवासियों की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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