‘टेलर’ के स्वागत में “ताकत का ट्रेलर” प्रदेशाध्यक्ष के सतना दौरे में शक्ति प्रर्दशन
भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष के सतना दौरे ने गरमाई युवा राजनीति, मार्च में होगा बड़ा फैसला, जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर 13 दावेदारों की नजर

सतना। भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर का सतना आगमन महज एक संगठनात्मक दौरा नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बन गया। शहर में ऐसा माहौल बना मानो कोई चुनावी रण छिड़ गया हो। कहीं बालगाड़ी से रचनात्मक शक्ति दिखाई गई तो कहीं सैकड़ों गाड़ियों के काफिले ने राजनीतिक दमखम का ट्रेलर पेश किया। स्वागत की भव्यता और कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर खुद प्रदेशाध्यक्ष भी उत्साहित नजर आए। लेकिन असली संदेश साफ था—जिलाध्यक्ष की कुर्सी की दौड़ अब खुलकर सामने आ चुकी है।

बुधवार को शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया। करीब 22 स्थानों पर मंच तैयार किए गए और जगह-जगह होर्डिंग्स व बैनरों के जरिए समर्थकों ने अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आधिकारिक रूप से “युवा संवाद” कार्यक्रम के तहत बजट 2026 पर केंद्रित बताया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे संभावित जिलाध्यक्षों की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक प्रभाव का आकलन माना जा रहा है।

शुभम सिंह परिहार का ‘अलग अंदाज’ चर्चा में
टेलर के स्वागत में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, लेकिन सतना बायपास तिराहा पर हुआ स्वागत कार्यक्रम सबसे अलग और प्रभावशाली माना गया। इस आयोजन का नेतृत्व भाजयुमो के शुभम सिंह परिहार ने किया, जिन्हें शहर में कई लोग ‘शुभम छींदा’ के नाम से भी जानते हैं। बायपास तिराहा पर उमड़ा युवाओं का हुजूम और स्वागत की भव्यता देखकर माहौल किसी बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा नजर आया। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने यह संकेत दिया कि शुभम सिंह परिहार युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं।

संगठन में सक्रियता भी दिखी
इस पूरे कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री शुभम तिवारी भी सक्रिय भूमिका में दिखाई दिए और स्वागत व्यवस्थाओं में मनोयोग से जुटे रहे। हालांकि, युवाओं के नेतृत्व और भीड़ की दृष्टि से सबसे ज्यादा चर्चा शुभम सिंह परिहार के स्वागत कार्यक्रम की रही।

मार्च में नई टीम, इसलिए बढ़ी सरगर्मी
सूत्रों के अनुसार, आगामी मार्च में प्रदेशाध्यक्ष श्याम टेलर अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे। इसी क्रम में जिलों में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। सतना भाजयुमो जिलाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर दावेदारों की धड़कनें तेज हैं और यही कारण है कि इस दौरे को शक्ति परीक्षण के रूप में देखा जा रहा है।
मैदान में 13 दावेदार, हर कोई दिखा रहा दम
जिलाध्यक्ष पद के लिए करीब 13 दावेदार सक्रिय बताए जा रहे हैं। प्रमुख नामों में सूर्यांशु प्रताप सिंह (पूर्व एबीवीपी पदाधिकारी), शुभम सिंह परिहार, भूपेंद्र केवट (जिलामंत्री), यश यादव, हिमांशु सिंह, आदित्य सिंह टीकर (जिला कार्यसमिति सदस्य), वैभव सिंह बघेल, सुयश ताम्रकार, नारायण तिवारी, प्रियंक त्रिपाठी (मंडल अध्यक्ष), सौरभ सिंह ‘सौमू’ और शुभम यादव शामिल हैं। हर दावेदार अपने संगठनात्मक अनुभव, छात्र राजनीति की पृष्ठभूमि, सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ को अपनी मजबूती बता रहा है। समर्थकों की मौजूदगी और मंचों पर भीड़ ने यह संकेत दे दिया कि मुकाबला कड़ा है।

अनुभव या समीकरण—किसके सिर सजेगा ताज?
संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि इस बार चयन में जातीय संतुलन, संगठन में सक्रिय भूमिका और जमीनी कार्यशैली को अहमियत दी जाएगी। हालांकि अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व के हाथ में रहेगा। फिलहाल सतना की युवा राजनीति में एक ही चर्चा है—क्या जिलाध्यक्ष की कुर्सी संगठन के अनुभवी चेहरे को मिलेगी या सामाजिक समीकरण बाजी मार जाएंगे? मार्च का फैसला कई राजनीतिक समीकरण तय करेगा, लेकिन इतना तय है कि सतना में इस बार जिलाध्यक्ष की कुर्सी की राह आसान नहीं होने वाली।




