108 एंबुलेंस की बदहाली उजागर, जिला अस्पताल में शव उतारने तक में करनी पड़ी मशक्कत

सतना। जिले में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत एक बार फिर सामने आई है। जिला अस्पताल सतना में रविवार को उस समय अव्यवस्था देखने को मिली, जब 108 एंबुलेंस का पिछला दरवाजा लॉक हो जाने के कारण एक मृतक का शव उतारने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह रही कि एंबुलेंस चालक को खिड़की के रास्ते अंदर घुसकर दरवाजा तोड़ना पड़ा।
घटना रामनगर निवासी 67 वर्षीय राम प्रसाद से जुड़ी है। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह राम प्रसाद अपने घर के बाहर आग ताप रहे थे, तभी अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन तत्काल उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से रामनगर अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल पहुंचने से कुछ पहले ही राम प्रसाद की मौत हो गई थी। अस्पताल परिसर में एंबुलेंस से शव उतारने के दौरान जब पिछला दरवाजा खोलने का प्रयास किया गया तो वह लॉक होकर जाम मिला। काफी कोशिशों के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। मजबूरन चालक को एंबुलेंस की खिड़की से अंदर प्रवेश कर लात मारकर दरवाजा खोलना पड़ा, तब जाकर शव को बाहर निकाला जा सका।
इस पूरी घटना ने 108 एंबुलेंस सेवाओं की तकनीकी स्थिति और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि अगर मरीज जीवित होता, तो ऐसी लापरवाही उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी। अस्पताल में आवश्यक औपचारिकताओं के बाद डॉक्टरों ने राम प्रसाद को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद परिजन शव लेकर रामनगर लौट गए।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने एंबुलेंस व्यवस्था की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जानकारी संबंधित विभाग को दी जाएगी। घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपातकालीन सेवाओं में लापरवाही किस हद तक आम हो चुकी है।




