शहर के दो ज्वेलरी शोरूम सीज, 5–6 करोड़ के कारोबार में गड़बड़ी की आशंका, आईटीसी से जीएसटी सेटल करने की जांच

सतना। कर अपवंचन के संदेह में स्टेट जीएसटी विभाग ने बुधवार को शहर के ज्वेलरी कारोबार पर अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए पन्नीलाल चौक स्थित श्रीकृष्ण ज्वेलर्स और उसकी सहयोगी फर्म मां भगवती ज्वेलर्स को सीज कर दिया। यह कार्रवाई दोपहर से शुरू होकर देर रात तक चली। जांच के दौरान स्टॉक सत्यापन और दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां सामने आने के बाद विभाग ने दोनों शोरूम को सील कर दिया।
स्टॉक व रिकॉर्ड में नहीं बैठा हिसाब
स्टेट जीएसटी अधिकारियों के अनुसार, जांच के समय दोनों प्रतिष्ठानों में मौजूद ज्वेलरी स्टॉक और संबंधित खरीद–बिक्री दस्तावेजों का आपसी मिलान नहीं हो सका। कई आवश्यक रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी आधार पर देर रात शोरूम सीज करने की कार्रवाई की गई। विभागीय जांच गुरुवार को भी जारी रहेगी।
एक ही परिसर से संचालित हो रही थीं दोनों फर्म
जानकारी के अनुसार श्रीकृष्ण ज्वेलर्स का संचालन रोहित अग्रवाल द्वारा किया जा रहा है, जबकि मां भगवती ज्वेलर्स उनकी पत्नी के नाम से पंजीकृत है। दोनों फर्म एक ही परिसर से संचालित हो रही थीं। विभाग को आशंका है कि फर्मों के बीच लेन-देन और टैक्स भुगतान में नियमों का उल्लंघन किया गया है।
आईटीसी के जरिए जीएसटी सेटल करने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में दोनों फर्मों ने लगभग 5 से 6 करोड़ रुपये की बिक्री दिखाई है। आरोप है कि ज्वेलरी पर देय 3 प्रतिशत जीएसटी को नकद जमा करने के बजाय इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के माध्यम से सेटल किया गया, जिसकी वैधानिकता पर सवाल खड़े हुए हैं। विभाग इस पूरे लेन-देन की गहन जांच कर रहा है।
आवास पर भी पहुंची जांच टीम
जांच के दौरान स्टेट जीएसटी की एक टीम टिकुरिया टोला स्थित रोहित अग्रवाल के निवास पर भी पहुंची। हालांकि कुछ घंटों बाद टीम वहां से वापस लौट आई। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यक होने पर आगे और भी जांच की जा सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
यह कार्रवाई स्टेट जीएसटी सतना संभाग के ज्वाइंट कमिश्नर उमेश तिवारी के निर्देश पर की गई। अभियान में सर्किल-1 की असिस्टेंट कमिश्नर मनोरमा तिवारी, अमित सिंह पटेल, प्रियंका सोहगौरा, मृत्युंजय तिवारी सहित 20 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
पहले भी ज्वेलरी कारोबार पर हुई थी सख्ती
उल्लेखनीय है कि स्टेट जीएसटी विभाग ने इससे पहले 1 दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच 37 दिनों में जिले के 5 ज्वेलरी शोरूम पर छापामार कार्रवाई की थी। जांच पूरी होने के बाद संबंधित संचालकों से अर्थदंड सहित करीब 1.45 करोड़ रुपये जीएसटी की वसूली की गई थी।



