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4.38 लाख करोड़ का ‘रोलिंग बजट’ पेश; लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़, विधायक निधि पर हंगामा

8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री 15 हजार शिक्षकों की भर्ती

भोपाल। मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट पेश किया। वित्तीय वर्ष 2026-27 का 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। करीब डेढ़ घंटे के भाषण में सरकार ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, किसान और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस दिखाया। इसे प्रदेश का पहला ‘रोलिंग बजट’ बताया गया। देवड़ा ने कहा- एमपी में यह पहला रोलिंग बजट है। 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 3060 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया।


बजट में 8वीं तक के छात्रों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने और 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया गया। लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। महिला कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23,747 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। किसानों को 3 हजार करोड़ की लागत से 1 लाख सोलर पंप दिए जाएंगे। सडक़ मरम्मत के लिए 12,690 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40,062 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

सिंहस्थ 2028 के लिए 3,060 करोड़ का विशेष बजट रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ और खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा। बजट भाषण के दौरान विधायक निधि नहीं बढ़ाने को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को हस्तक्षेप करना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बजट को “जनता से विश्वासघात बताया और चुनावी वादों के अधूरे रहने का आरोप लगाया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) संकल्प को आगे बढ़ाने वाला है और अगले दो वर्षों के विकास का रोडमैप तय करेगा।

विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष का हंगामा
बजट भाषण के दौरान सदन में कांग्रेस विधायकों ने विधायक निधि बढ़ोतरी नहीं किए जाने के कारण बजट भाषण के दौरान हंगामा किया। बजट भाषण पर सवाल उठाए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के निर्देश दिए। वहीं, कांग्रेस विधायक सरकार पर कर्ज के विरोध में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं, जिन पर लिखा था कि कर्ज बजट से ज्यादा है, फिर आप कहते हैं कि सब ठीक है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जनता से विश्वासघात वाला बजट है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट पेश किया है, उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं। जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है।

क्या होता है रोलिंग बजट
रोलिंग बजट प्रणाली में हर साल या तय अवधि के बाद आगे की अवधि को जोड़ते हुए बजट लगातार अपडेट किया जाता है। बजट एक बार बनाकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि हर साल नई परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उसमें बदलाव किया जाता है। आगे के वर्ष जोड़े जाते रहते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि सरकार ने 2026-27, 2027-28 और 2028-29 का तीन साल का बजट बनाया है, तो 2027-28 आते ही 2026-27 की अवधि बजट से हट जाएगी। उसकी जगह नया वर्ष 2029-30 जोड़ दिया जाएगा। इस तरह बजट हमेशा आने वाले तीन वर्षों के लिए तैयार रहता है।

कांग्रेस विधायकों का हंगामा, गर्भ गृह में आकर खड़े हो गए
कांग्रेस के रूरु्र फिर से सदन में हंगामा करने लगे। स्पीकर के समझाने के बाद भी हंगामा जारी रहा। इस बीच फाइनेंस मिनिस्टर जगदीश देवड़ा बजट स्पीच पढ़ रहे हैं। स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायकों को शांत होने और अपनी सीटों पर जाने को कहा। हंगामा कर रहे सभी कांग्रेस रूरु्र गर्भ गृह पर खड़े हो गए।

पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने कहा- 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री के ‘ज्ञान’ के संकल्प पर एमपी का बजट- सीएम डॉ. मोहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के संकल्प के साथ आज मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के ज्ञान (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के संकल्प में हमारी सरकार ने आई भी जोड़ा है। वर्ष 2026-27 का बजट ज्ञानी (त्र ङ्घ ्र हृ ढ्ढ ढ्ढ) के मार्गदर्शी सिद्धांत पर है। सीएम मोहन ने कहा कि इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर दो दिखते हैं। यह देश का पहला बजट है, जो रोलिंग बजट है। इस बजट के जरिए अगले दो साल के डेवलपमेंट का ब्लूप्रिंट खींचा जाएगा। अमृतकाल 2047 के लिए डेवलपमेंट का पैमाना बनाया गया है। सीएम मोहन ने कहा कि आज का बजट 4 लाख 38 हज़ार 317 करोड़ रुपए का है। साल 2026-27 में राज्य का ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। साल 2025-26 के अनुमान में 10.69 परसेंट की बढ़ोतरी है।

जनता से विश्वासघात वाला बजट : कमलनाथ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जनता से विश्वासघात वाला बजट है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट पेश किया है, उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं। जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है। नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे। वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से गायब दिखाई दिए। प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया। विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे, वह आज भी अधूरे हैं। इनमें किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटल, किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल, लाड़ली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हजार रुपया,घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपए में देने के वादे अधूरे हैं।

आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प पर आधारित प्रदेश के समग्र विकास का बजट : गोविन्द सिंह राजपूत
खाद्य मंत्री बोले, ‘रोलिंग बजट’ जैसे नवाचार से वित्तीय योजना अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत बजट का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, नारी शक्ति, इन्फ्रास्ट्रकचर, इन्डस्ट्री का सर्वांगीण विकास है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा है कि आज प्रस्तुत बजट यह बजट सामाजिक सुरक्षा, कृषि सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक निवेश और अधोसंरचना विकास के संतुलित संयोजन के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मंत्री श्री राजपूत ने कहा है कि बजट में सभी वर्गों के कल्याण के लिए समुचति प्रावधान किये गए हैं। उन्होंने कहा है कि बजट में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 531 करोड़ अधिक राशि का प्रावधान किया गया है। इससे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी। ‘रोलिंग बजट’ जैसी नवाचार पहल से वित्तीय योजना अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनेगी।
मंत्री श्री राजपूत ने बताया है कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास की मजबूत रूपरेखा प्रस्तुत करता है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत यह बजट महिलाओं, किसानों, युवाओं और गरीब वर्ग के सशक्तिकरण के लिए समर्पित है। लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए बड़े प्रावधान, किसानों को सोलर पंप और प्रोत्साहन राशि, युवाओं को रोजगार के अवसर तथा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश, ये सभी निर्णय विकास को गति देंगे। पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण, सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियों और ग्रामीण अधोसंरचना पर विशेष ध्यान यह दर्शाता है कि सरकार वर्तमान आवश्यकताओं के साथ भविष्य की तैयारी भी कर रही है। यह बजट प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और निश्चित रूप से प्रदेश को वर्ष 2047 तक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा।

आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी : डॉ. ललित श्रीवास्तव
एमपी यूनाइटेड डॉक्टर्स फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी डॉ. ललित श्रीवास्तव ने बजट पर कहा कि सरकार ने आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जो प्रावधान किए हैं, वे सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में बेहतर अस्पताल, उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराने से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए उन्होंने सरकार का आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।

बजट की प्रमुख घोषणाएं
> महिला एवं सामाजिक कल्याण
> लाड़ली बहना योजना: 23,882 करोड़
> महिला कल्याण योजनाएं: 1,27,555 करोड़
> 5700 वर्किंग वूमन हॉस्टल का निर्माण
> लाड़ली लक्ष्मी 2.0 से 52 लाख से अधिक बालिकाएं लाभान्वित
> 15,000 शिक्षकों की भर्ती
> 8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में मुफ्त दूध
> पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति: 7.95 लाख विद्यार्थियों को सहायता
> छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए 1800 करोड़
> 1 लाख किसानों को सोलर पंप (3000 करोड़)
> पंचायत एवं ग्रामीण विकास: 40,062 करोड़
> कृषि वानिकी योजना शुरू
> जैविक/प्राकृतिक खेती के लिए 21.42 लाख हेक्टेयर पंजीकरण
> सडक़ मरम्मत: 12,690 करोड़
> जल जीवन मिशन: 4,454 करोड़
> कनेक्टिविटी सुधार योजना: 21,630 करोड़
> सिंहस्थ 2028 के लिए विशेष प्रावधान: 3,060 करोड़
> पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया
> 11,000 नए पुलिस आवास
> डिजिटल पुलिसिंग के लिए 25,000 टैबलेट
> स्वास्थ्य और श्रम
> स्वास्थ्य क्षेत्र: 23,747 करोड़
> श्रम विभाग: 1,335 करोड़

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