आदिवासी भूमि पर फर्जीवाड़ा: 3,500 हेक्टेयर जमीन के खेल में 9 नामजद, EOW ने दर्ज किया केस

मैहर। मैहर जिले के ग्राम भदनपुर की करीब 3,500 हेक्टेयर आदिवासी भूमि को फर्जी वारिसाना और ऋण पुस्तिका के जरिए हड़पने के आरोप में Economic Offences Wing Rewa ने बड़ा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2012-13 के राजस्व अभिलेखों में कथित तौर पर बिना सक्षम आदेश के वारिसाना दर्ज कर स्वामित्व परिवर्तन दर्शाया गया और बाद में उक्त भूमि को लगभग 2.50 करोड़ रुपये में मैहर स्थित UltraTech Cement को बेचा गया। वास्तविक भूमि स्वामी को कोई धनराशि प्राप्त नहीं होने की बात भी जांच में सामने आई है। EOW रीवा के एसपी Dr. Arvind Singh Thakur ने बताया कि विस्तृत विवेचना शुरू कर दी गई है और राजस्व रिकॉर्ड व बैंक लेन-देन की जांच की जा रही है।
नामजद आरोपी
प्रकरण में जिन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, उनमें—
अशोक सिंह (तत्कालीन पटवारी, पटवारी हल्का भदनपुर दक्षिण पदी, तहसील मैहर)
शोभा प्रसाद कोल पिता बन्नेलाल कोल, निवासी सलैया पोस्ट अमझाड़, थाना बरेठा, तहसील मैहर
बैजनाथ कोल पिता बाबूलाल कोल, निवासी खैरंधी पोस्ट जुरा, थाना नादन देहात, जिला मैहर
दीपक लालवानी पिता उत्तमचंद लालवानी, निवासी मैहर
गोपाली उर्फ गोपाल आसवानी सिंधी, निवासी मैहर
अज्जू उर्फ अजय पिता होलाराम सावनी, निवासी मैहर
कमला उर्फ प्रदीप कुमार सेन, निवासी ग्राम बरा, जिला मैहर
रामप्रकाश जायसवाल पिता बेड़िया प्रसाद जायसवाल, निवासी ग्राम भदनपुर उत्तरपदी
अन्य संबंधित राजस्व अधिकारी एवं सहयोगी व्यक्ति आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 467, 468, 471 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं तथा भा.नि.अधि. 1988 (संशोधित 2018) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
मामले ने आदिवासी भूमि संरक्षण और राजस्व तंत्र की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।




