चित्रकूट की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं! साधु-संतों के समर्थन में उतरे पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी
ऐतिहासिक, पौराणिक, आध्यात्मिक और धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ न हो

सतना धार्मिक नगरी चित्रकूट में ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहरों से छेड़छाड़ को लेकर उठ रहे विरोध के बीच पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव नीलांशु चतुर्वेदी ने खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने साधु-संतों और श्रद्धालुओं के समर्थन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर गौरीहार मंदिर समेत चित्रकूट की पवित्र धरोहरों को तत्काल संरक्षित करने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने पत्र में साफ शब्दों में चेताया है कि “संत समाज और श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।” नीलांशु चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश देकर रोका जाए, ताकि विकास या किसी अन्य बहाने से ऐतिहासिक, पौराणिक, आध्यात्मिक और धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ न हो। उन्होंने कहा कि चित्रकूट सनातन संस्कृति की आत्मा है, जहां भगवान श्रीराम से जुड़े असंख्य स्थल और स्मृतियां आज भी जीवित हैं। इन्हीं पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए हर साल करोड़ों श्रद्धालु देश-विदेश से चित्रकूट पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासनिक फैसलों से उनकी आस्था आहत की जा रही है।
पूर्व विधायक ने दो टूक कहा कि “साधु-संतों, श्रद्धालुओं और सनातन धर्मियों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उन्हें नजरअंदाज किया जाए।
नीलांशु चतुर्वेदी ने संकेत दिए कि यदि समय रहते प्रशासन नहीं रुका, तो संत समाज के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।




