मनरेगा में मशीन राज: अमृत सरोवर निर्माण में दहाड़ रही जेसीबी, मजदूर बेरोजगार
भियामाऊ पंचायत में 39.85 लाख की लागत से बन रहा तालाब, 102 फर्जी मजदूरों के नाम भरे मस्टर,
सतना। सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भियामाऊ में मनरेगा योजना के तहत बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे तालाब के निर्माण में मजदूरों के बजाय जेसीबी मशीनों से कार्य कराया जा रहा है, जबकि कागजों में गरीब मजदूरों को रोजगार दिया जाना दर्शाया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और जनपद स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी मस्टर रोल भरकर सरकारी राशि निकालने की तैयारी है। वास्तविक मजदूरों को काम नहीं मिल रहा, जबकि उनके नाम पर राशि निकालने के लिए मस्टर रोल भर दिए गये है।
39 लाख 85 हजार की लागत, मजदूर शून्य
जानकारी के अनुसार भियामाऊ पंचायत में जल संरक्षण के तहत अमृत सरोवर-2 तालाब
(कार्य कोड::1712001023/डब्ल्यूसी/22012035315738) का निर्माण कार्य कक्ष क्रमांक पी-95 में चल रहा है। इस तालाब की स्वीकृति क्रमांक 1378, दिनांक 13 जून 2025 को हुई थी। योजना के अनुसार 10 माह में 536 मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दिया जाना था।
लेकिन 14 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए निर्माण कार्य में एक भी मजदूर को काम नहीं दिया गया। पूरा कार्य सरपंच द्वारा अपनी निजी जेसीबी मशीन से कराया जा रहा है, जो मनरेगा नियमों का खुला उल्लंघन है।
102 फर्जी मजदूर
सरपंच-सचिव की मिलीभगत से रोजगार सहायक ने 102लोगों को मजदूर दर्शाकर कुल 1246 कार्यदिवस के नाम पर 11 अलग-अलग मस्टर रोल भर दिए। इसके जरिए कुल 2 लाख 95 हजार 110 रुपये की राशि 102 खातों में ट्रांसफर करवाने की तैयारी है। मनरेगा के तहत प्रति मजदूर 261 रुपये प्रतिदिन मजदूरी निर्धारित है।
भर दिए गए 11 मस्टर रोल
मस्टर रोल संख्या 12020- 10 मजदूर दिखाकर 12-12 दिन की हाजरी, 31,320 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12021– 10 मजदूर, 13-13 दिन, 33,930 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12022- 10 मजदूर, 13-13 दिन, 33,930 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12023- 10 मजदूर, 13-13 दिन, 33,930 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12024- 2 मजदूर, 13-13 दिन, 6,786 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12396– 10 मजदूर, 12-12 दिन, 31320 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12397- 10 मजदूर, 12-12 दिन, 31320 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12398– 10 मजदूर, 12-12 दिन, 31320 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12399– 10 मजदूर, 12-12 दिन, 31320 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12400– 10 मजदूर, 11-11दिन, 27710 रुपये
मस्टर रोल संख्या 12401– 10 मजदूर, 12-12 दिन, 31320 रुपये
कमीशन का पूरा खेल
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों को मजदूर दिखाकर मस्टर रोल भरे गये हैं, उनमें से कोई भी व्यक्ति वास्तविक रूप से काम पर नहीं गया। खाते में पैसे आने के बाद सरपंच और सचिव मजदूरों को 100-200 रुपये देकर पूरी राशि निकलवा लेते हैं।
इसी राशि से जेसीबी मशीनों का भुगतान किया जाता है और शेष रकम जनपद स्तर तक कमीशन के रूप में पहुंचाई जाती है।
मजदूरों के हक पर डाका
मनरेगा जैसी रोजगार गारंटी योजना में इस तरह मशीनों से काम कराकर मजदूरों को बेरोजगार रखना, गरीबों के हक पर सीधा डाका माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है




