नव वर्ष पर चित्रकूट और गैविनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सपरिवार किए कामतानाथ के दर्शन, परिक्रमा कर मांगी प्रदेश की खुशहाली

सतना। नव वर्ष के पावन अवसर पर सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट और बिरसिंहपुर स्थित गैविनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। देश-प्रदेश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर नव वर्ष का शुभारंभ किया। इस दौरान मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला भी सपरिवार चित्रकूट पहुंचे और भगवान कामतानाथ के दर्शन किए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ला ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। दर्शन उपरांत उन्होंने कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा भी की। मंदिर परिसर और परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

जयघोषों से गूंजा चित्रकूट
नव वर्ष के पहले दिन चित्रकूट में लाखों श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कामदगिरि की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। परिक्रमा मार्ग पर “जय श्रीराम” और “जय कामतानाथ” के जयघोष लगातार गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था की थी, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
गैविनाथ धाम में भोलेनाथ के दर्शन को उमड़ी भीड़
नव वर्ष पर सतना जिले के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बिरसिंहपुर स्थित प्राचीन गैविनाथ धाम में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का जलाभिषेक कर नए साल में सुख-समृद्धि की कामना की।

परमहंस आश्रम धारकुंडी में भव्य प्रकटोत्सव
इसी क्रम में आध्यात्मिक साधना के प्रमुख केंद्र परमहंस आश्रम धारकुंडी में गुरुवार को अनंत विभूषित स्वामी सच्चिदानंद महाराज का 102वां प्रकटोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देशभर से लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई गई। प्रकटोत्सव का शुभारंभ सुबह 5 बजे बड़े आश्रम स्थित धूनी ग्रह दर्शन और पवित्र गुफा स्थल पर विशेष पूजन-अर्चन से हुआ। यह गुफा स्थल आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र है, जहां महाराज जी ने वर्षों तक कठोर साधना की थी।
महोत्सव के दौरान आत्म शांति और जनकल्याण की कामना के साथ भव्य रुद्र यज्ञ का आयोजन किया गया। आश्रम परिसर में अखंड रामचरितमानस पाठ, अखंड कीर्तन और साधकों द्वारा महामृत्युंजय मंत्र जाप होता रहा। भक्तों की सुविधा के लिए बदलापुर आश्रम (मुंबई) से लाइव दर्शन की भी व्यवस्था की गई।




