गुप्त गोदावरी में अवैध वसूली का आरोप! प्रतिदिन हजारों की काली कमाई की चर्चा
शार्टकट दर्शन कराने के नाम पर कथित कर्मचारियों पर पैसे लेने के आरोप!

यूं चित्रकूट के गुप्त गोदावरी में अवैध वसूली की चर्चा आए दिन रहती हैं लेकिन प्रशासनिक कसावट के बाद भी रत्ती भर फर्क नहीं पड़ रहा है। परिसर में 4-5 अनाधिकृत व्यक्तिों को तैनात कर श्रद्धालुओं को शार्टकट दर्शन कराने के नाम पर अवैध वसूली का खेल जारी है।
पवित्र धार्मिक और पर्यटन स्थल गुप्त गोदावरी में अवैध वसूली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि नगर परिषद चित्रकूट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और गुप्त गोदावरी के प्रभारी अधिकारियों की अनदेखी के चलते यहां खुलेआम अवैध वसूली हो रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुप्त गोदावरी परिसर में चित्रकूट से आने वाले अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा श्रद्धालुओं को शॉर्टकट दर्शन कराने के नाम पर प्रति व्यक्ति 100 से 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। शार्टकट दर्शन कराने के वीडियों प्रतिदिन वायरल होते हैं लेकिन जिम्मेदार कार्यवाही से परहेज कर रहे है। जबकि गुप्त गोदवारी की व्यवस्था के लिए एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। जो इस अवैध खेल को नियंत्रण नहीं कर पा रहे है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रभारी के संरक्षण में ही यहां अव्यवस्था होती है। इन दिनों गुप्त गोदावरी में प्रतिदिन 9 से 12 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सामान्य दर्शन में जहां 2 से & घंटे का समय लग रहा है, वहीं पैसे देकर मात्र 5 मिनट में दर्शन कराए जाने की शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं।
हजारों कमाई
सूत्रों के अनुसार इस अवैध वसूली से प्रतिदिन हजारों रुपये की कमाई हो रही है, जिसे आपस में बांटा जा रहा है। बताया जाता है कि इस पूरे लेन-देन का हिसाब-किताब संभालने के लिए चित्रकूट का एक व्यक्ति सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
कथित पंडा पर नकेल कब?
वहीं, सीता कुंड क्षेत्र में भी कथित तौर पर कोर्ट परिसर की आड़ में कुछ पंडा किस्म के लोग श्रद्धालुओं से जबरन चढ़ावे के नाम पर वसूली कर रहे हैं। यहां से प्रतिदिन 15 हजार रुपये तक की राशि निजी हाथों में जाने का आरोप है। श्रद्धालुओं का कहना है कि शासकीय परिसर में बैठकर इस तरह की गतिविधियां बिना किसी डर के की जा रही हैं, जो प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। आखिर इन पर लगाम कब लगेगी?
पुजापा के लिए सीढ़ी के बगल से मंदिर, हो सकता है हादसा
इसके अलावा, पानी वाली गुफा की सीढिय़ों के पास अवैध रूप से एक छोटी मूर्ति स्थापित कर धर्म के नाम पर वसूली किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। गुफा के अंदर भी 2 से & अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग लोग श्रद्धालुओं से चढोत्तरी चढ़वाने के लिए बैठे रहते है। पूर्व सीएमओ विशाल सिंह के कार्यकाल में इन अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगाई गई थी।
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जनता के सवाल-
🔸️जनता सवाल उठा रही है कि आखिर हजारों रुपये प्रतिदिन की यह कथित अवैध कमाई किसकी जेब में जा रही है और किनके संरक्षण में यह सब हो रहा है?
🔸️पवित्र धार्मिक स्थल पर इस तरह की अवैध वसूली आखिर क्यों और किसके इशारे पर हो रही है?
🔸️जनता प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
सीएमओ ने कहा, लगेगी रोक, होगी कार्यवाही
मुख्य नगर परिषद अधिकारी(सीएमओ) अंकित सोनी ने से जब बात की गई तो उन्होंने ऐसी गतिविधिया होना स्वीकर किया, उन्होंने कहा कि पूर्व में सभी अवैध गतिविधयों पर रोक लगाई गई थी, पैसे लेकर दर्शन कराने वालों को चिन्हित कर कार्यवाही की जाएगी। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां बर्दश्त नहीं की जाएगी। इस संबध में प्रभारी से जवाब तलब किया जाएगा।




