बिना काम, बिना हस्ताक्षर 13.26 लाख की बंदरबांट, जनपद सीईओ पर गिरी गाज”
छतरपुर में नंदन फलोद्यान योजना में 13.26 लाख का घोटाला, चार अधिकारियों पर वसूली नोटिस

छतरपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला पंचायत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत बिजावर की सीईओ अंजना नागर सहित चार अधिकारियों-कर्मचारियों को सरकारी धन के गबन का दोषी पाया है। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने सभी के खिलाफ कुल 13.26 लाख रुपए की सामूहिक वसूली के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
मामला जनपद पंचायत बिजावर की ग्राम पंचायत अनगौर में संचालित नंदन फलोद्यान योजना से जुड़ा है, जहां बिना किसी जमीनी कार्य और सरपंच-सचिव के हस्ताक्षर के फर्जी तरीके से भुगतान किया गया। जांच में सामने आया कि 11 हितग्राहियों के नाम स्वीकृत कार्यों में सहायक यंत्री के माप सत्यापन और देयक प्रमाणीकरण के बिना ही सामग्री भुगतान कर दिया गया।
सबसे गंभीर तथ्य यह रहा कि जून 2025 में सीईओ अंजना नागर ने स्वयं नोटिस जारी कर माना था कि मौके पर कोई वृक्षारोपण कार्य नहीं है, इसके बावजूद अगस्त 2025 में 13.26 लाख रुपए का भुगतान कराया गया। जिला पंचायत सीईओ ने मध्य प्रदेश पंचायत अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत
जनपद सीईओ अंजना नागर, सहायक लेखाधिकारी दिलीप गुप्ता, उपयंत्री विकास श्रीवास्तव और रोजगार सहायक राकेश मिश्रा को दोषी ठहराया है सभी दोषियों से 3.315 लाख रुपए प्रति व्यक्ति वसूली के नोटिस जारी किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी।




