खून से लिखी चिट्ठी! प्राचार्य को हटाने की मांग पर एनएसयूआई का आमरण अनशन
प्रदेश महासचिव आनंद पांडेय ने मुख्यमंत्री को खून से लिखी चिट्ठी

। शासकीय डिग्री कॉलेज सतना के प्राचार्य को हटाने की मांग को लेकर एनएसयूआई का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार से एनएसयूआई कार्यकर्ता आमरण अनशन पर बैठे हैं। मंगलवार को आंदोलन के दौरान संगठन ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर अपना आक्रोश जताया।
एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आनंद पांडेय ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्राचार्य द्वारा लगातार मनमानी की जा रही है और छात्रहित की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में छात्रों की मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं। विशेष रूप से सिक रूम की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि यह सुविधा केवल कागजों में ही दर्शाई गई है, जबकि वास्तविकता में इसका कोई अस्तित्व नहीं है।
एनएसयूआई नेताओं का यह भी कहना है कि प्राचार्य से जुड़ी एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद संगठन ने पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन किया था। संगठन का दावा है कि ऑडियो में प्राचार्य की कार्यशैली और छात्रों के प्रति रवैये को लेकर गंभीर बातें सामने आई हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मंगलवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में पुनः धरना दिया और प्राचार्य को तत्काल पद से हटाने की मांग दोहराई। इस दौरान आनंद पांडेय ने स्पष्ट कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक कॉलेज प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। वहीं छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।




