अब 125 दिन रोजगार की गारंटी, 95 हजार करोड़ का बजट, वीबी-जी रामजी योजना से बदलेगा ग्रामीण भारत
प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ संकल्प को जमीन पर उतारने वाला मिशन- राज्यमंत्री

सतना। ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की वीबी-जी रामजी योजना एक ऐतिहासिक कदम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम यह योजना वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करेगी। यह बात मध्यप्रदेश शासन की राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने सतना के भरहुत नगर स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। राज्यमंत्री ने बताया कि नई योजना में ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है, जबकि योजना का बजट बढ़ाकर 95 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो कांग्रेस शासनकाल की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि यह योजना महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने का सशक्त माध्यम बनेगी।
श्रीमती बागरी ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत अधोसंरचना के स्थायी निर्माण के साथ-साथ आजीविका के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। अब ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय भवन, पुस्तकालय, कोल्ड स्टोरेज, सौर ऊर्जा, जैविक खाद इकाइयां, पशुपालन, मत्स्य पालन, नर्सरी, ग्रामीण सडक़, पुल-पुलिया और पंचायत भवन जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे।उन्होंने बताया कि योजना में जियो-टैगिंग, डिजिटल रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक भुगतान और ग्राम सभा द्वारा सोशल ऑडिट जैसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। यदि मांग के बाद समय पर रोजगार नहीं मिलता तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है। महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, दिव्यांग, छोटे व सीमांत किसानों और महिला मुखिया परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह योजना को लेकर भ्रम फैला रही है, जबकि यह योजना ग्रामीण रोजगार, अधोसंरचना विकास और पलायन रोकने की दिशा में क्रांतिकारी साबित होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिला अध्यक्ष भगवती प्रसाद पांडेय ने कहा कि यह योजना गांव, किसान और मजदूर—तीनों को सशक्त बनाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। इस अवसर पर सांसद गणेश सिंह, प्रदेश प्रवक्ता प्रहलाद कुशवाहा, संभाग प्रभारी विजय दुबे सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।




