“जहां मिलेंगे बाबू-सोना”, तोड़ देंगे कोना-कोना..लठ-पूजन के साथ चेतावनी: सागर में वैलेंटाइन डे पर शिवसेना का ‘सांस्कृतिक मोर्चा’

मध्य प्रदेश के सागर में 14 फरवरी से पहले ही सियासी और सामाजिक तापमान बढ़ गया है। शिवसेना ने वैलेंटाइन डे के विरोध में पारंपरिक अंदाज में मोर्चा खोलते हुए साफ चेतावनी दी है—“अश्लीलता बर्दाश्त नहीं होगी।” शहर के पहलवान बाबा मंदिर में कार्यकर्ताओं ने लाठियों की पूजा कर उन्हें तेल पिलाया और 14 फरवरी को सड़कों पर उतरने का ऐलान किया।
मंदिर में लठ-पूजन, ‘बाबू-शोना’ पर हुंकार
उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी के नेतृत्व में शिवसैनिकों ने पहलवान बाबा मंदिर में डंडों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद नारे लगे—“जहां मिलेंगे बाबू-शोना, छोड़ देंगे कोना-कोना।” पप्पू तिवारी ने कहा कि वैलेंटाइन डे भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है और इसे पश्चिमी सभ्यता का प्रतीक बताया। संगठन का दावा है कि सार्वजनिक स्थानों पर “अश्लीलता” फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

‘मौके पर ही शादी’ का ऐलान
शिवसेना नेताओं ने कहा है कि 14 फरवरी को उनकी टीमें शहर के पार्कों, होटलों, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थलों के आसपास निगरानी रखेंगी। तिवारी ने चेतावनी दी, “अगर कोई प्रेमी जोड़ा सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय हरकत करते पाया गया, तो पहले उनके अभिभावकों को बुलाया जाएगा। बालिग होने पर मौके पर ही फेरे भी कराए जा सकते हैं।”
होटल संचालकों को अल्टीमेटम
संगठन ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी चेतावनी दी है कि 14 फरवरी को किसी तरह का ‘अश्लील कार्यक्रम’ आयोजित न किया जाए। अन्यथा उग्र विरोध का सामना करना पड़ेगा। शिवसेना का कहना है कि वह हर साल की तरह इस बार भी “संस्कृति रक्षा” के लिए मैदान में उतरेगी।
कानून-व्यवस्था पर नजर
जबरन शादी या मारपीट की धमकी कानूनन अपराध की श्रेणी में आती है। ऐसे में प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है। अब देखना होगा कि 14 फरवरी को सागर में प्यार का इजहार सुर्खियां बनेगा या फिर विरोध का तेवर हावी रहेगा।




