49 दिन बाद हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 10 हजार का इनामी था सरपंच पति
खेत की आग से भडक़ी रंजिश, एक की मौत, चार घायल

सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के अटरा गांव में 26 दिसंबर 2025 को हुए सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 49 दिन तक फरार रहने के बाद मुख्य आरोपी पंकज उर्फ प्रागेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। दो आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।
क्या था पूरा मामला
26 दिसंबर की रात द्वारिका सिंह (45) अपने भाई नत्थू सिंह, वीरेंद्र सिंह, भतीजा प्रहलाद उर्फ शंखू सिंह और भांजा राहुल सिंह के साथ खेत में पानी लगाने के बाद बगीचे में आग ताप रहे थे। इसी दौरान अटरा सरपंच का पति पंकज उर्फ प्रागेन्द्र सिंह (35) बोलेरो से वहां पहुंचा और आग के पास बैठ गया। बताया जाता है कि पुरानी रंजिश के चलते पंकज ने द्वारिका सिंह से विवाद शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसने अपने भाई अंकित सिंह, अमित सिंह और अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया।
लाठी-डंडों और हथियारों से किया हमला
कुछ ही देर में आरोपियों ने लाठी, डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी से पांचों पर हमला कर दिया। सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रीवा ले जाया गया, जहां द्वारिका सिंह ने दम तोड़ दिया।
पहले 8 गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
घटना के 72 घंटे के भीतर पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी पंकज, अमित और अंकित फरार हो गए थे। सतना एसपी हंसराज सिंह ने मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
कई शहरों में छिपता फिरा आरोपी
करीब डेढ़ महीने की तलाश के बाद पुलिस ने पंकज उर्फ प्रागेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए ताला, मैहर, जबलपुर, प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या जैसे शहरों में छिपता फिर रहा था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। अब पुलिस फरार अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है, ताकि इस चर्चित हत्याकांड में पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।


