सतना जिला अस्पताल में रचा गया इतिहास, ट्रिपलेट नवजात स्वस्थ होकर एक साथ घर लौटे

सतना। जिला अस्पताल सतना की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। यहां ट्रिपलेट प्रसव के बाद तीनों नवजात शिशुओं को पूरी तरह स्वस्थ कर एक साथ घर भेजा गया। करीब एक माह नौ दिन तक चले उपचार के बाद 30 दिसंबर को तीनों बच्चों को डिस्चार्ज किया गया। जिला अस्पताल में यह पहला अवसर है, जब ट्रिपलेट प्रसव के बाद तीनों नवजात सुरक्षित और स्वस्थ घर लौटे हैं।
मैहर की महिला ने दिया तीन शिशुओं को जन्म
मैहर क्षेत्र के बुडेखन गांव निवासी 28 वर्षीय रंजना पटेल को 21 नवंबर को परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों की देखरेख में करीब दो घंटे के अंतराल में उन्होंने तीन शिशुओं को जन्म दिया। परिजनों को पहले से जानकारी थी कि गर्भ में तीन बच्चे हैं, इसलिए अस्पताल में पहले से आवश्यक तैयारी की गई थी।
जन्म के समय कम था तीनों शिशुओं का वजन
जन्म के समय तीनों नवजातों का वजन सामान्य से कम दर्ज किया गया। पहले शिशु का वजन 1.445 किलोग्राम, दूसरे का 1.610 किलोग्राम, और तीसरे शिशु का वजन 1.050 किलोग्राम था। कम वजन और संभावित जटिलताओं को देखते हुए तीनों नवजातों को तत्काल एसएनसीयू में भर्ती किया गया।
एसएनसीयू इंचार्ज बोले – आमतौर पर ट्रिपलेट मामलों में नहीं बचते सभी
एसएनसीयू इंचार्ज डॉ. सुधांशु गर्ग ने बताया कि ट्रिपलेट प्रसव के मामलों में अक्सर एक या दो शिशुओं को बचा पाना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सकीय प्रबंधन, सतत निगरानी और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ की कड़ी मेहनत के चलते तीनों नवजातों को सुरक्षित रखा जा सका।
एसएनसीयू की बड़ी उपलब्धि
डॉ. गर्ग ने बताया कि यह एसएनसीयू का पहला मामला है, जिसमें सामान्य से कम वजन वाले तीनों ट्रिपलेट नवजातों को पूरी तरह स्वस्थ कर घर भेजा गया है। उपचार और देखभाल के दौरान स्वास्थ्य अमले ने कोई भी लापरवाही नहीं बरती।
यह सफलता जिला अस्पताल की नवजात देखभाल व्यवस्था और मेडिकल टीम की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।




