भरोसे की आड़ में ठगी: डिजिटल ट्रांजैक्शन कारोबारी लाखों लेकर फरार
एक सप्ताह से बंद दुकान, मोबाइल स्विच ऑफ, पुलिस तलाश में जुटी माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लेकर कियोस्क संचालक तक बने शिकार
सतना जिले के बिरसिंहपुर कस्बे में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। फिनो और रोनेट जैसी कंपनियों की डिजिटल आईडी का उपयोग कर ऑनलाइन लेनदेन का कार्य करने वाला व्यापारी जितेंद्र गुप्ता दर्जनों लोगों से करोड़ों की रकम लेकर फरार हो गया है।
आरोपी जितेंद्र गुप्ता नगर के वार्ड क्रमांक 6 में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, मनी ट्रांसफर और डिजिटल भुगतान का कारोबार करता था। स्थानीय नागरिकों और कियोस्क संचालकों के बीच उसकी अच्छी साख थी, जिसके चलते लोग उस पर भरोसा कर बड़ी रकम का लेनदेन करते थे। बताया जा रहा है कि वह पिछले एक सप्ताह से दुकान बंद कर लापता है, वहीं उसका मोबाइल फोन भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है।
अब तक 9 शिकायतें दर्ज
इस ठगी का शिकार आम नागरिकों के साथ-साथ कियोस्क संचालक और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां भी हुई हैं। अब तक 9 लोगों ने सभापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ताओं में—
क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण माइक्रो फाइनेंस कंपनी के मैनेजर शैलेंद्र लोधी: ₹3 लाख 2 हजार
पिपरीटोला कियोस्क संचालक रवि शंकर वर्मा: ₹9 लाख
पगार खुर्द के अनुज त्रिपाठी: ₹1 लाख 40 हजार
गुढ़वा के रत्न सिंह: ₹1 लाख 50 हजार
बड़खेरा के किशन शर्मा: ₹1 लाख 80 हजार
देवेश द्विवेदी: ₹1 लाख 10 हजार शामिल हैं। इसके अलावा भी कई छोटे-बड़े लेनदारों के नाम सामने आ रहे हैं, जिनसे आरोपी ने डिजिटल भुगतान और नकद लेनदेन के बहाने रकम ऐंठी थी।
सुनियोजित तरीके से रची ठगी
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने पहले लंबे समय तक भरोसा कायम किया और फिर बड़ी रकम इकट्ठा होते ही नगर छोड़कर फरार हो गया। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
इस संबंध में सभापुर थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।




